
देहरादून/नैनीताल: उत्तराखंड के नैनीताल जिले के भवाली क्षेत्र में जनसांख्यिकीय बदलाव (डेमोग्राफिक चेंज) को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। श्यामखेत, रेहड़ और टमट्यूड़ा जैसे इलाकों में पिछले करीब दस वर्षों में मुस्लिम आबादी में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। स्थिति यह हो गई है कि श्यामखेत को स्थानीय बोलचाल में अब “सलीमखेत” कहा जाने लगा है।
हाल ही में भवाली क्षेत्र में एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म की घटना के बाद यह मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। इस मामले में पुलिस ने एक मुस्लिम युवक को गिरफ्तार किया है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में बाहरी लोगों की संख्या तेजी से बढ़ी है, जिससे क्षेत्र की सामाजिक और सांस्कृतिक संरचना प्रभावित हो रही है। भाजपा नेताओं ने इस बदलाव को सुनियोजित साजिश करार दिया है और प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने इलाके में सत्यापन अभियान शुरू कर दिया है। बाहरी राज्यों से आकर बसे लोगों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि समय रहते इस विषय पर ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में हालात और जटिल हो सकते हैं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे।