
देहरादून: उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा, महानगर देहरादून ने राज्य सरकार की बढ़ती विफलताओं और जनविरोधी नीतियों के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। महानगर अध्यक्ष रामकुमार शंखधर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक शव यात्रा निकालते हुए राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित किया।
मोर्चा के सैनिक महासचिव राजेंद्र प्रसाद भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड आज भय, भ्रष्टाचार और अव्यवस्था के दौर से गुजर रहा है। प्रदेश में वन्यजीवों के हमले लगातार बढ़ रहे हैं, जिनमें कई निर्दोष नागरिकों की जान जा चुकी है, लेकिन सरकार न तो ठोस सुरक्षा उपाय कर पाई और न ही पीड़ित परिवारों को समय पर मुआवजा मिला।

परवादून अध्यक्ष निरंजन चौहान ने कहा कि हालिया प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित हजारों परिवार आज भी राहत, पुनर्वास और मुआवजे से वंचित हैं। आपदा पीड़ितों को बेसहारा छोड़ देना सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है।
प्रदेश कोषाध्यक्ष चित्रपाल सजवाण ने आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार चरम पर है, बेरोजगारी बढ़ रही है और युवा पलायन को मजबूर हैं। वहीं अंकिता भंडारी हत्याकांड में कई प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आने के बावजूद अब तक निष्पक्ष और पारदर्शी जांच नहीं हो पाई है, जिससे जनता में भारी आक्रोश है।
परवादून महासचिव विपिन नेगी ने कहा कि खनन माफिया के बढ़ते आतंक से नदियां, पहाड़ और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है, लेकिन सरकार माफियाओं पर लगाम लगाने में पूरी तरह असफल रही है।
मसूरी विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र सूद ने चेतावनी दी कि यदि इन सभी मुद्दों पर शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन प्रदेशव्यापी आंदोलन तेज करेगा और पुनः उत्तराखंड सरकार की शव यात्रा निकालने के लिए बाध्य होगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
राजपुर वार्ड अध्यक्ष प्रीतम प्यारे ने कहा कि वार्ड स्तर पर होने वाले विकास कार्य भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहे हैं और तथाकथित ट्रिपल इंजन सरकार इस पर नियंत्रण करने में विफल साबित हुई है।
कैप्टन राजीव राणा ने राज्यपाल से मांग की कि वे संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए राज्य सरकार को जनहित में कठोर निर्देश जारी करें, ताकि पीड़ित जनता को न्याय मिल सके।
इस अवसर पर प्रीतम प्यारे, विजय कुमार, दीपक मेहरा, कृष्णा, विशाल, नरेंद्र सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।