देहरादून के बाजारों में इन दिनों महंगाई की हल्की आहट सुनाई देने लगी है। खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध का असर अब स्थानीय बाजारों तक पहुंचने लगा है। खासकर खाद्य तेल की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम उपभोक्ताओं और व्यापारियों दोनों की चिंता बढ़ा दी है।

व्यापारियों के मुताबिक पिछले कुछ दिनों में रिफाइंड तेल के दामों में स्पष्ट बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जो 15 किलो का टिन कुछ समय पहले तक करीब 2200 रुपये में मिल रहा था, उसकी कीमत अब बढ़कर लगभग 2300 रुपये तक पहुंच गई है। यानी कुछ ही दिनों में इसमें करीब 100 रुपये की बढ़ोतरी हो गई है।
देहरादून के आढ़ती मनोज गोयल बताते हैं कि अंतरराष्ट्रीय हालात का सीधा असर बाजार पर पड़ता है। उनके अनुसार पहले 15 किलो का रिफाइंड टिन करीब 2200 रुपये में मिल जाता था, लेकिन अब यही टिन लगभग 2300 रुपये में बिक रहा है। वहीं छोटे पैकेट की बात करें तो 900 एमएल का रिफाइंड पैकेट जो पहले करीब 105 रुपये में मिल रहा था, वह अब लगभग 110 रुपये तक पहुंच गया है।
व्यापारी विक्की गोयल का कहना है कि देहरादून में आने वाला रिफाइंड तेल मुख्य रूप से Gujarat से सप्लाई होता है, जबकि सोयाबीन तेल का एक बड़ा हिस्सा United States समेत अन्य देशों से आयात किया जाता है। ऐसे में जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता बढ़ती है या आपूर्ति प्रभावित होती है तो उसका असर सीधे स्थानीय बाजारों पर भी दिखाई देता है।
खाद्य तेल के अलावा सूखे मेवों के दाम बढ़ने की भी आशंका जताई जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि अगर युद्ध की स्थिति लंबी चली तो आने वाले समय में सूखे मेवों की कीमतें भी बढ़ सकती हैं।
देहरादून के व्यापारी देवेंद्र साहनी के मुताबिक शहर में पिस्ता मुख्य रूप से Iran से आता है। फिलहाल इसके दाम स्थिर हैं, लेकिन अगर आपूर्ति में किसी तरह की रुकावट आती है तो बाजार में कीमतें बढ़ सकती हैं।
बाजार के जानकारों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय हालात का असर धीरे-धीरे अन्य खाद्य वस्तुओं पर भी पड़ सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में महंगाई का दबाव और बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल व्यापारी और ग्राहक दोनों ही हालात पर नजर बनाए हुए हैं।