उत्तराखंड

उत्तराखंड भाजपा संगठन और धामी कैबिनेट में जल्द हो सकता है बड़ा फेरबदल, महेंद्र भट्ट और अनिल बलूनी का बयान आया सामने

देहरादून। उत्तराखंड में भाजपा संगठन और धामी कैबिनेट में बड़े बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखंड दौरे के तुरंत बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का दिल्ली प्रवास और वहीं रुकने की खबरें सियासी हलकों में बदलाव की सुगबुगाहट बढ़ा रही हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी के बयानों ने भी इस संभावना को और बल दिया है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने एक बार फिर कैबिनेट विस्तार को तय बताया और इस बार उन्होंने यह बयान काफी जोर देकर दिया है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री जल्द इस पर फैसला लेंगे। खास बात यह है कि उन्होंने यह बयान तब दिया जब मुख्यमंत्री दिल्ली में हैं और उनके वहां और रुकने की संभावना जताई जा रही है।

गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने भी यह कहकर राजनीतिक हलचल बढ़ा दी कि उन्होंने पार्टी फोरम पर अपनी बात मजबूती से रख दी है। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि भाजपा नेतृत्व किसी बड़े फैसले की तैयारी में है।

सूत्रों के अनुसार, यह बदलाव सिर्फ नए मंत्रियों को शामिल करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मौजूदा मंत्रियों के विभागों में भी फेरबदल हो सकता है। इसके अलावा, प्रदेश संगठन में भी बदलाव संभव है और नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति पर भी निर्णय लिया जा सकता है।

भाजपा नेतृत्व को राज्य में नए मुख्य सचिव को लेकर भी फैसला लेना है। चूंकि लोकसभा चुनाव, विधानसभा सीटों के उपचुनाव और स्थानीय निकायों के चुनाव पूरे हो चुके हैं, इसलिए पार्टी के भीतर अब संगठन और सरकार में बदलाव का यह सही समय माना जा रहा है।

सूत्रों का कहना है कि भाजपा हाईकमान उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए अभी से संगठन को नई दिशा देने की योजना बना रहा है। लोकसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन के बावजूद राज्य में भाजपा को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, जिन्हें दूर करने के लिए यह फेरबदल जरूरी माना जा रहा है।

उत्तराखंड भाजपा में बड़े फैसलों की घड़ी नजदीक आती दिख रही है। प्रधानमंत्री मोदी के दौरे के बाद मुख्यमंत्री धामी का दिल्ली में रुकना और शीर्ष नेतृत्व से उनकी संभावित मुलाकातें राजनीतिक बदलाव की ओर स्पष्ट संकेत दे रही हैं। अब देखना यह होगा कि भाजपा हाईकमान कैबिनेट और संगठन में क्या नए समीकरण बनाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button