उत्तराखंडदेहरादून

उत्तराखंड के 24 लाख बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, 50.28 करोड़ रुपये का नकारात्मक एफपीपीसीए स्वीकृत

उत्तराखंड के बिजली उपभोक्ताओं के लिए नया साल राहतभरा साबित होने वाला है। राज्य के विद्युत नियामक आयोग ने फ्यूल एंड पावर परचेज कॉस्ट एडजस्टमेंट (एफपीपीसीए) के अंतर्गत 50.28 करोड़ रुपये के नकारात्मक समायोजन को मंजूरी दे दी है। इस निर्णय का लाभ प्रदेश के करीब 24 लाख बिजली उपभोक्ताओं को सीधे उनके बिलों में मिलेगा।

क्या है मामला?

राज्य की विद्युत वितरण इकाइयों द्वारा निर्धारित अवधि में खरीदी गई बिजली की वास्तविक लागत, अनुमानित लागत से कम रही। नियामक प्रक्रिया के तहत इस अंतर की गणना एफपीपीसीए के माध्यम से की जाती है। इस बार बिजली खरीद लागत अनुमान से कम रहने के चलते आयोग ने नकारात्मक एफपीपीसीए लागू करने की स्वीकृति दी है।

जनवरी के बिलों में दिखाई देगी राहत

आयोग के निर्णय के अनुसार, यह समायोजन जनवरी 2026 में आने वाले बिजली बिलों में परिलक्षित होगा। इससे घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक—सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं को वास्तविक वित्तीय राहत मिलेगी। बिल राशि कम होने से मासिक खर्च में भी कमी आएगी।

उपभोक्ताओं के लिए क्या बदलेगा?

जनवरी के बिल में एफपीपीसीए घटकर दिखाई देगा

कुल बिल राशि में स्पष्ट कमी आएगी

बिजली खपत के अनुसार राहत का प्रभाव उपभोक्ताओं को स्वतः मिलेगा

किसी अतिरिक्त आवेदन या प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं

निर्णय क्यों महत्वपूर्ण है?

ऊर्जा क्षेत्र में अक्सर ईंधन लागत और बिजली खरीद मूल्य बढ़ने के कारण उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। ऐसे में अनुमानित लागत से कम खरीद और उसका सीधा लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचना एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। इससे बिजली कंपनियों की पारदर्शिता और नियामक तंत्र की जवाबदेही भी मजबूत होती है।

 

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