उत्तराखंड में मौसम का यू-टर्न: गंगोत्री-यमुनोत्री में भारी बर्फबारी, हर्षिल घाटी ने ओढ़ी सफेद चादर.

उत्तरकाशी | संवादाता देवभूमि उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है। विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री और यमुनोत्री धाम सहित उत्तरकाशी जनपद के ऊंचाई वाले इलाकों में पिछले कुछ दिनों से जारी भारी बर्फबारी ने पूरी घाटी को चांदी जैसी सफेद चादर से ढक दिया है। वहीं, निचले इलाकों में हुई झमाझम बारिश के कारण समूचे क्षेत्र में ठिठुरन बढ़ गई है।
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धामों में जमी 8 इंच तक बर्फ
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुरूप, जनपद के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रविवार से ही रुक-रुक कर हिमपात हो रहा है। ताज़ा जानकारी के अनुसार, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में करीब 7 से 8 इंच तक बर्फ जमा हो चुकी है। इसके अलावा हर्षिल घाटी, गीठ और मोरी के ऊंचाई वाले गांवों में भी 3 से 4 इंच तक बर्फबारी दर्ज की गई है। बादलों की आवाजाही और बारिश के चलते अधिकतम तापमान में भारी गिरावट आने से जनजीवन पूरी तरह ठिठुर गया है।
किसानों और बागवानों के खिले चेहरे
मार्च के महीने में हुई इस बर्फबारी और बारिश ने स्थानीय काश्तकारों, विशेषकर सेब उत्पादकों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। लंबे समय से सूखे जैसी स्थिति झेल रहे किसानों के लिए यह मौसम किसी वरदान से कम नहीं है।
गंगोत्री धाम के तीर्थ पुरोहित राजेश सेमवाल ने बताया कि धाम में लगातार हो रही बर्फबारी से तापमान शून्य से नीचे चला गया है। वहीं, स्थानीय काश्तकार संजय पंवार का कहना है कि:
”बारिश न होने से फसलें सूखने की कगार पर थीं, लेकिन अब हुई इस बर्फबारी से विशेष रूप से सेब की फसल को संजीवनी मिली है। पैदावार के लिहाज से मार्च की यह बर्फबारी बेहद उपयोगी साबित होगी।”
मौसम विभाग का अलर्ट: 3000 मीटर से ऊपर बर्फबारी की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के कई हिस्सों में आज भी बारिश और बर्फबारी का येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार:
ऊंचाई वाले क्षेत्र: 3000 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी की संभावना है।
मैदानी व मध्य क्षेत्र: हरिद्वार, उधम सिंह नगर, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और चंपावत में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।
प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय निवासियों को सावधानी बरतने और ठंड से बचाव के पुख्ता इंतजाम करने की सलाह दी है।