केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष यात्रा की सराहना की, ‘2047 तक देश को नई ताकत मिलेगी’

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की सफल अंतरिक्ष यात्रा की सराहना करते हुए प्रस्ताव पारित किया है। कैबिनेट बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि शुभांशु शुक्ला के अंतरिक्ष मिशन ने भारत को अपना अंतरिक्ष स्टेशन बनाने के एक कदम और करीब पहुंचा दिया है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “आज केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) से वापसी पर एक प्रस्ताव पारित किया है। यह पूरे देश के लिए गौरव और खुशी का अवसर है। आज पूरे देश के साथ मंत्रिमंडल भी ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को पृथ्वी पर उनकी सफल वापसी पर बधाई देता है।”
मंत्री ने बताया कि शुभांशु शुक्ला ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर 18 दिनों का ऐतिहासिक मिशन पूरा किया है। उन्होंने कहा, “यह भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में एक नया अध्याय है। यह हमारे अंतरिक्ष कार्यक्रम के भविष्य की एक सुनहरी झलक पेश करता है। मंत्रिमंडल इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए इसरो के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की पूरी टीम को बधाई देता है।”
युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत
अश्विनी वैष्णव ने कहा, “ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का मिशन केवल एक व्यक्ति की सफलता नहीं है, यह भारत की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का एक उदाहरण है। इससे हमारे बच्चों और युवाओं में जिज्ञासा बढ़ेगी और वैज्ञानिक सोच का विकास होगा। इससे प्रभावित होकर बड़ी संख्या में युवा विज्ञान और नवाचार को अपना करियर बनाएंगे।”
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मंत्रिमंडल का दृढ़ विश्वास है कि यह मिशन विकसित भारत के संकल्प को नई ऊर्जा देगा। उन्होंने कहा, “भारत को एक विकसित देश बनाने का सपना प्रधानमंत्री ने कहा कि 2047 तक देश को नई ताकत मिलेगी।”
अगस्त तक होगी स्वदेश वापसी
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर 18 दिनों के प्रवास के बाद शुभांशु शुक्ला मंगलवार को खुशी और मुस्कुराहट के साथ पृथ्वी पर लौट आए थे, लेकिन उनकी स्वदेश वापसी अभी करीब एक महीने दूर है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के अनुसार, मिशन के बाद की औपचारिकताओं को पूरा कर शुभांशु अगले महीने 17 अगस्त तक भारत आ पाएंगे।
शुभांशु की इस उपलब्धि के साथ भारत की मानवयुक्त अंतरिक्ष उड़ान गगनयान मिशन की महत्वाकांक्षाओं को साकार करने की तैयारी शुरू हो गई है। यह मिशन भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और देश को अंतरिक्ष शक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।