Breaking News उत्तराखंड बंद: श्रीनगर और श्रीकोट में दिखा व्यापक असर, व्यापारिक प्रतिष्ठान रहे पूरी तरह बंद
श्रीनगर गढ़वाल/श्रीकोट: अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय और सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग को लेकर रविवार को आहूत 'उत्तराखंड बंद' का श्रीनगर और श्रीकोट क्षेत्र में व्यापक असर देखने को मिला। पहाड़ की बेटी को न्याय दिलाने के लिए दोनों शहरों के व्यापारी, ट्रांसपोर्टर और सामाजिक संगठन एकजुट नजर आए, जिससे जनजीवन पूरी तरह ठहर सा गया।

बाजारों में पसरा सन्नाटा, व्यापारियों का पूर्ण समर्थन
श्रीनगर और श्रीकोट के मुख्य बाजारों में सुबह से ही सन्नाटा पसरा रहा। व्यापार मंडल के आह्वान पर छोटे से लेकर बड़े दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रखे। गोला बाजार, गणेश बाजार और श्रीकोट के मुख्य व्यवसायिक केंद्रों में दुकानें बंद रहीं। व्यापारियों ने स्पष्ट किया कि यह बंद किसी दबाव में नहीं, बल्कि स्वेच्छा से अंकिता को न्याय दिलाने के लिए किया गया है।
होटल और टैक्सी यूनियनों ने भी दिया साथ इस बंद को केवल व्यापारियों तक ही सीमित नहीं देखा गया, बल्कि अन्य सेवा क्षेत्रों ने भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया:
होटल व्यवसायी: होटल एसोसिएशन ने भी आंदोलन का समर्थन करते हुए अपनी सेवाएं प्रभावित रखीं और प्रदर्शन के समर्थन में रहे।
टैक्सी यूनियन: टैक्सी यूनियनों और जीप चालकों ने भी अपने वाहन खड़े रखे। टैक्सी स्टैंड्स पर वीरानी छाई रही और सड़कों पर सार्वजनिक वाहनों की आवाजाही न के बराबर रही, जिससे चक्का जाम जैसी स्थिति बनी रही।
संगठनों की एकजुटता और मांग विभिन्न सामाजिक संगठनों, छात्र संघों और महिला समूहों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन तो नहीं किया (यदि शांतिपूर्ण बंद था), लेकिन बंद के जरिए अपना विरोध दर्ज कराया। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार द्वारा केवल सीबीआई जांच की सिफारिश करना काफी नहीं है। जब तक ‘वीआईपी’ का नाम सामने नहीं आता और जांच की निगरानी सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के जज नहीं करते, तब तक पहाड़ की जनता शांत नहीं बैठेगी।