
मिशन–2027 को केंद्र में रखते हुए उत्तराखंड भाजपा ने संगठन को और मजबूत करने के लिए चुनावी तैयारी तेज कर दी है। इसी क्रम में पार्टी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय महाप्रशिक्षण अभियान की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य प्रदेशभर में ऐसे कार्यकर्ताओं की मजबूत फौज तैयार करना है, जो वैचारिक रूप से सशक्त होने के साथ-साथ चुनावी रणनीतियों में भी दक्ष हों।
भाजपा का यह महाप्रशिक्षण अभियान नए और सक्रिय कार्यकर्ताओं को पार्टी की विचारधारा, संगठनात्मक ढांचे और चुनावी प्रबंधन से जोड़ने पर केंद्रित है। अभियान की शुरुआत 17 फरवरी को देहरादून में आयोजित होने वाली एक राज्य स्तरीय कार्यशाला से होगी। इसके बाद मार्च माह में प्रदेश के सभी मंडलों में चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, प्रशिक्षण सत्रों में कार्यकर्ताओं को बूथ प्रबंधन, मतदाता संपर्क, सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग, सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने और विपक्ष के मुद्दों का जवाब देने की रणनीति पर विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके साथ ही पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद और भाजपा की मूल विचारधारा पर भी विस्तार से चर्चा होगी।
भाजपा नेतृत्व का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनाव में संगठन की मजबूती निर्णायक भूमिका निभाएगी। इसी कारण जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय और प्रशिक्षित करने पर खास जोर दिया जा रहा है। पार्टी का लक्ष्य है कि हर मंडल और बूथ स्तर पर प्रशिक्षित कार्यकर्ता तैयार हों, जो विपक्ष के कथित चक्रव्यूह को भेदने में सक्षम हों।
महाप्रशिक्षण अभियान के जरिए भाजपा उत्तराखंड की सियासत में अपनी पकड़ को और मजबूत करना चाहती है। संगठन का दावा है कि यह अभियान न केवल चुनावी दृष्टि से बल्कि दीर्घकालिक संगठन निर्माण की दिशा में भी एक अहम कदम साबित होगा।