
लक्सर/देहरादून, 03 मार्च 2026: रंगों के पर्व होली में अब दो दिन शेष हैं और बाजारों में उत्साह चरम पर है। जगह-जगह रंग, गुलाल और पिचकारियों की दुकानें सज चुकी हैं। हालांकि लोग अब प्राकृतिक रंगों को प्राथमिकता देने लगे हैं, लेकिन बाजार में केमिकलयुक्त कृत्रिम रंग भी खुलेआम बिक रहे हैं। ऐसे में चिकित्सकों ने होली खेलते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
केमिकल रंगों से हो सकता है नुकसान
अग्रवाल मेडिकल सेंटर के निदेशक डॉ. यशपाल अग्रवाल के अनुसार, होली पर रंगों के चयन में सावधानी बेहद जरूरी है। केमिकलयुक्त रंगों से आंखों को नुकसान पहुंच सकता है। इसके अलावा त्वचा में जलन, रैशेज, दाने और चकत्ते जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
वहीं, आशीर्वाद अस्पताल लक्सर के निदेशक डॉ. अमित कुमार राय ने बताया कि रसायनिक रंग आंखों में चले जाने पर गंभीर क्षति पहुंचा सकते हैं। इसलिए होली खेलते समय आंखों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
ऐसे बरतें सावधानी
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जहां तक संभव हो प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल करें।
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होली खेलने से पहले त्वचा पर नारियल तेल या मॉइस्चराइज़र लगाएं।
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आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मा पहनें।
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यदि किसी प्रकार की एलर्जी है तो रंगों से दूरी बनाए रखें।
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रंग छुड़ाते समय त्वचा को अधिक रगड़ें नहीं।
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आंखों में रंग जाने पर तुरंत साफ पानी से धोएं।
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आंख या त्वचा में समस्या होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें।
डॉक्टरों का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी से होली का आनंद सुरक्षित और स्वस्थ तरीके से लिया जा सकता है। त्योहार की खुशियां तभी सार्थक हैं, जब स्वास्थ्य सुरक्षित रहे।