
देहरादून, 03 मार्च 2026: साल 2026 का पहला चंद्रग्रहण आज मंगलवार को लग रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यह ग्रहण सिंह राशि और मघा नक्षत्र में पड़ रहा है। चंद्रग्रहण से नौ घंटे पहले ही सूतक काल प्रारंभ हो गया, जिसके चलते प्रदेशभर के मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए हैं।
मंदिरों के बाहर सूचना पत्र चस्पा कर श्रद्धालुओं को सूचित किया गया है कि सूतक काल के दौरान नियमित पूजा-अर्चना और अन्य मांगलिक कार्य स्थगित रहेंगे।
कब से कब तक रहेगा ग्रहण?
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार चंद्रग्रहण दोपहर 3:27 बजे शुरू होगा और शाम 6:57 बजे समाप्त होगा। इस प्रकार सुबह 6:27 बजे से ही सूतक काल प्रभावी हो गया है।
आचार्य डॉ. सुशांत राज के मुताबिक, फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि पर पड़ रहा यह वर्ष का पहला पूर्ण चंद्रग्रहण है। पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान चंद्रमा लाल रंग का दिखाई देता है, जिसे आम बोलचाल में ‘ब्लड मून’ भी कहा जाता है।
सूतक काल में क्या है नियम?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक काल में पूजा-पाठ, हवन, मांगलिक कार्य और नए कार्यों की शुरुआत वर्जित मानी जाती है। इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद रहते हैं और ग्रहण समाप्ति के बाद शुद्धिकरण की प्रक्रिया के साथ दोबारा खोले जाते हैं।
ग्रहण के मद्देनजर सोमवार को ही कई मंदिरों में पोस्टर चस्पा कर श्रद्धालुओं को समय और नियमों की जानकारी दे दी गई थी।
हालांकि वैज्ञानिक दृष्टि से चंद्रग्रहण एक खगोलीय घटना है, लेकिन आस्था के चलते बड़ी संख्या में लोग पारंपरिक नियमों का पालन करते हैं।