
गैरसैंण/टिहरी (24 जनवरी): उत्तराखंड में शुक्रवार को हुई भारी बर्फबारी ने जहां आम जनजीवन को प्रभावित किया, वहीं दो विवाह समारोहों को हमेशा के लिए यादगार बना दिया। वसंत पंचमी के शुभ मुहूर्त पर देवभूमि में कुदरत ने भी नवविवाहित जोड़ों को अनोखे अंदाज में आशीर्वाद दिया। एक तरफ गैरसैंण में जयमाला के दौरान आसमान से फूलों की जगह बर्फ बरसी, तो दूसरी तरफ टिहरी में दूल्हे को अपनी दुल्हनिया तक पहुंचने के लिए बर्फीले रास्ते पर पैदल सफर तय करना पड़ा।
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गैरसैंण: जयमाला के वक्त गिरी बर्फ, लोग बोले- ‘सीजन की बेस्ट शादी’ उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के पास जंगलचट्टी गांव में शुक्रवार का नजारा किसी फिल्म से कम नहीं था। यहां कनोठ गांव से सूरज की बारात जंगलचट्टी की दीक्षा के घर पहुंची थी। जैसे ही जयमाला और रस्में शुरू हुईं, आसमान से रुई के फाहों जैसी बर्फ गिरनी शुरू हो गई। कुदरत का आशीर्वाद: वहां मौजूद लोगों ने कहा कि ऐसा लग रहा था मानो आसमान खुद इस विवाह पर फूलों की वर्षा कर आशीर्वाद दे रहा हो।
यादगार पल: दूल्हा-दुल्हन और मेहमानों के लिए यह दृश्य अविस्मरणीय बन गया। स्थानीय लोग इसे ‘सीजन की बेस्ट मैरिज’ बता रहे हैं।
टिहरी: कार फंसी तो पैदल चला दूल्हा
दूसरी ओर, टिहरी गढ़वाल में भारी बर्फबारी ने बारातियों की परीक्षा ली। मोरियाना टॉप के पास बर्फ इतनी ज्यादा थी कि बारात की गाड़ियां फंस गईं और रास्ता बंद हो गया। लेकिन दूल्हे का हौसला कम नहीं हुआ।
पैदल सफर: दूल्हे राजा ने हार नहीं मानी और बारातियों के साथ मोरियाना टॉप से बिंदाल कोटि तक का सफर पैदल ही तय किया।
वायरल वीडियो: दूल्हे और बारातियों के बर्फ के बीच पैदल चलने का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब पसंद किया जा रहा है, लोग दूल्हे के जज्बे की तारीफ कर रहे हैं।