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Uttarakhand;भोजन माताओं, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने की तैयारी, शासन को भेजा गया प्रस्ताव

देहरादून (9 फरवरी 2026): उत्तराखंड सरकार प्रदेश की महिला कर्मियों—भोजन माताओं, आशा वर्कर और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं—को जल्द ही बड़ा तोहफा देने की तैयारी में है। राज्य सरकार ने इनका मानदेय (Honorarium) बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग ने इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेज दिया है।

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प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित मानदेय वृद्धि के प्रस्तावों पर विचार करने और अंतिम निर्णय लेने के लिए सरकार ने प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित की है। हाल ही में छत्तीसगढ़ में हुई मध्य क्षेत्र परिषद की बैठक में भी राज्य सरकार की ओर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था।

किनका कितना मानदेय बढ़ेगा?

  1. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं:

    • प्रदेश में 40,000 से ज्यादा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं कार्यरत हैं।

    • वर्तमान स्थिति: इन्हें केंद्र सरकार से 4,500 रुपये और राज्य सरकार से 4,800 रुपये (कुल 9,300 रुपये के आसपास) मिलते हैं।

    • महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग के निदेशक बंशीलाल राणा के मुताबिक, अन्य राज्यों के तुलनात्मक अध्ययन के साथ रिपोर्ट शासन को सौंप दी गई है।

  2. भोजन माताएं:

    • प्रदेश में करीब 24,000 भोजन माताएं स्कूलों में पीएम पोषण योजना के तहत सेवाएं दे रही हैं।

    • वर्तमान स्थिति: इन्हें कुल 3,000 रुपये मानदेय मिलता है (900 केंद्र + 100 राज्यांश + 2000 राज्य सरकार द्वारा अतिरिक्त)।

    • शिक्षा विभाग ने इनका मानदेय बढ़ाने का प्रस्ताव भी भेजा है।

  3. आशा कार्यकर्ता (ASHA Workers):

    • राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की धुरी मानी जाने वाली 12,000 आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है।

सरकार की इस पहल से महंगाई के दौर में इन हजारों महिला कर्मचारियों को बड़ी आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

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