
रुद्रपुर/गदरपुर:
उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले से रिश्तों को शर्मसार करने वाला और अपराध की दुनिया का एक खौफनाक चेहरा सामने आया है। यहां पुलिस ने 33 लाख रुपये की स्मैक के साथ एक नाबालिग किशोर को पकड़ा। लेकिन जब पुलिस ने उससे पूछताछ की, तो जो सच सामने आया उसने अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए। किशोर ने बताया कि उसके हाथ में जहर (स्मैक) का पैकेट थमाने वाले कोई और नहीं, बल्कि उसके अपने माता-पिता थे.

क्या है पूरा मामला?
उत्तराखंड एसटीएफ (STF) की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) को सूचना मिली थी कि गदरपुर क्षेत्र में ड्रग्स की सप्लाई होने वाली है। सूचना पर कार्रवाई करते हुए एसटीएफ और गदरपुर पुलिस ने संयुक्त रूप से चेकिंग अभियान चलाया। इसी दौरान एक स्कूटी पर सवार किशोर पुलिस को देखकर घबरा गया। जब उसकी तलाशी ली गई, तो उसके पास से 112.3 ग्राम स्मैक बरामद हुई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 33 लाख रुपये आंकी गई है।
बेटे का कबूलनामा: ‘मम्मी-पापा ने दिया था पैकेट’
पुलिस द्वारा संरक्षण में लिए जाने के बाद जब किशोर से पूछताछ की गई, तो उसने बताया कि वह सिर्फ एक मोहरा है। उसने पुलिस को बताया, “यह स्मैक मुझे मम्मी और पापा ने दी थी। उन्होंने कहा था कि पुलिया के पास एक आदमी खड़ा होगा, उसे यह सामान दे देना और वापस आ जाना।”
माता-पिता हैं हिस्ट्रीशीटर और ड्रग तस्कर
पुलिस जांच में सामने आया कि किशोर का पूरा परिवार अपराध में लिप्त है।
पिता: किशोर का पिता क्षेत्र का कुख्यात ड्रग तस्कर है, जिसे लोग ‘नकटा’ के नाम से जानते हैं। उस पर पहले से ही 9 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
माता: किशोर की मां भी अपराध में बराबर की भागीदार है और उस पर 6 मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने नाबालिग किशोर को संरक्षण में लेकर जुवेनाइल कोर्ट (किशोर न्याय बोर्ड) के समक्ष पेश किया है। वहीं, मासूम बेटे को अपराध की आग में झोंकने वाले माता-पिता के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 8/21/60 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने स्मैक और तस्करी में इस्तेमाल स्कूटी को जब्त कर लिया है और फरार माता-पिता की तलाश शुरू कर दी है।