
देहरादून: राज्य सरकार ने कुक्कुट विकास नीति 2025 को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही शासन ने नीति को लागू करने के आदेश जारी कर दिए हैं और इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) भी जारी की गई है।
नई नीति के तहत राज्य में अंडा और चिकन उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे उत्तर प्रदेश और पंजाब जैसे राज्यों पर निर्भरता कम होगी। प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड आत्मनिर्भर बने और स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढ़ाकर रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकें।
कृषि एवं पशुपालन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नीति के अंतर्गत कुक्कुट पालन से जुड़े किसानों, युवा उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। सरकार द्वारा भूमि, ऋण, तकनीकी प्रशिक्षण और विपणन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में भी कुक्कुट पालन को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई है ताकि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि इस नीति से न केवल ग्रामीण रोजगार में वृद्धि होगी, बल्कि पौष्टिक आहार की उपलब्धता भी बढ़ेगी।
इस नीति को ग्रामीण विकास और खाद्य सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। शासन ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में इस नीति के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी सुनिश्चित करें।