उत्तराखंड मौसम: पहाड़ों में झमाझम बारिश से मिली राहत, मैदानी इलाकों में जारी है तपिश
पांच दिन की उमसभरी गर्मी के बाद पहाड़ी इलाकों में बदला मौसम

देहरादून: उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में आज मौसम ने अचानक करवट ली है। पिछले पांच दिनों से चली आ रही उमसभरी गर्मी के बाद चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल समेत कई पहाड़ी जिलों में सुबह से झमाझम बारिश हो रही है। इससे स्थानीय लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली है और तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।
चमोली में भारी बारिश से यातायात बाधित
चमोली जनपद के कुजौं मेकोट क्षेत्र में हुई भारी बारिश के कारण कौंज पोथनी गांव को जोड़ने वाली मुख्य सड़क बाधित हो गई है। बारिश की वजह से सुबह से ही पूरी नदी घाटी में घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई है।
धार्मिक स्थलों पर भी खराब मौसम
बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब के साथ-साथ अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी मौसम खराब है। तीर्थयात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए अपनी यात्रा की योजना बनाएं।
मैदानी इलाकों में जारी है गर्मी का प्रकोप
जहां पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश से राहत मिली है, वहीं प्रदेश के मैदानी इलाकों में अभी भी गर्मी लोगों को झुलसा रही है। दून घाटी, हरिद्वार, ऋषिकेश और अन्य मैदानी क्षेत्रों में तापमान अभी भी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है।
मानसून की आगमन तिथि में देरी
पहले यह अनुमान लगाया जा रहा था कि उत्तराखंड में मानसून 11 जून तक प्रवेश कर जाएगा, लेकिन अब मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के सक्रिय होने में अभी और समय लगेगा।
मौसम वैज्ञानिक रोहित थपलियाल के अनुसार:
- 16 जून तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिलेगी
- मानसून का आगमन 20 जून के बाद ही होने की संभावना है
- इस दौरान हल्की बूंदाबांदी से मौसम राहत भरा रहेगा
- उमसभरी गर्मी से लोगों को निरंतर राहत मिलती रहेगी
पहाड़ी क्षेत्रों के लिए:
- अचानक बारिश को देखते हुए बाहर निकलते समय छाता साथ रखें
- पहाड़ी सड़कों पर सावधानी से यात्रा करें
- भूस्खलन की संभावना वाले क्षेत्रों से बचें
मैदानी क्षेत्रों के लिए:
- दिन के समय धूप में बाहर निकलने से बचें
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
- हल्के रंग के कपड़े पहनें
पर्यटन उद्योग पर प्रभाव
पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक हुई बारिश से पर्यटकों की यात्रा योजनाओं में व्यवधान आ सकता है। पर्यटन विभाग ने सलाह दी है कि यात्री मौसम की जानकारी लेकर ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं।
कृषि पर सकारात्मक प्रभाव
पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बारिश से खरीफ फसल की बुआई में मदद मिलेगी। किसानों के लिए यह एक सकारात्मक संकेत है, हालांकि अभी भी मानसून के पूर्ण आगमन का इंतजार है।