
उत्तराखंड सरकार का महत्वाकांक्षी ‘लखपति दीदी’ मॉडल अब राष्ट्रीय स्तर पर अपना प्रभाव दिखाने जा रहा है। दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित होने वाले मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन में उत्तराखंड इस मॉडल को विस्तार से प्रस्तुत करेगा। इसके लिए मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन को समन्वयक नियुक्त किया गया है।
सम्मेलन की तैयारियों को लेकर ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में विभिन्न विभागों को कार्यक्रम की प्रस्तुति को प्रभावी और व्यवहारिक बनाने के निर्देश दिए गए।
1.65 लाख से अधिक महिलाएं बन चुकी हैं ‘लखपति दीदी’
राज्य सरकार की ग्रामीण आजीविका योजनाओं और स्वयं सहायता समूहों के सशक्तीकरण से उत्तराखंड में 1.65 लाख से अधिक महिलाएं वार्षिक एक लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर रही हैं। यह मॉडल अब पूरे देश के लिए एक सफल और प्रेरणादायक उदाहरण बन चुका है।
राष्ट्रीय सम्मेलन में क्या होगा प्रस्तुत
सम्मेलन में उत्तराखंड अपनी प्रस्तुति में—
स्वयं सहायता समूहों की संरचना
उत्पादन, विपणन और बाज़ार से जोड़ने की रणनीतियाँ
डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म और ई-कॉमर्स के माध्यम से महिलाओं की आय बढ़ाने के प्रयास
राज्य में सफल महिला उद्यमियों के उदाहरण
जैसे विषयों को विस्तार से प्रदर्शित करेगा।
ग्राम्य विकास विभाग का मानना है कि उत्तराखंड का यह मॉडल न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत कर रहा है बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर भी बदल रहा है।