
देहरादून: राजधानी में हुई हालिया हत्या के बाद मारे गए स्टोन क्रशर संचालक विक्रम शर्मा का आपराधिक अतीत धीरे-धीरे सामने आ रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, विक्रम शर्मा का नाम झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर अखिलेश सिंह से जुड़ा रहा है और उसे उसका आपराधिक ‘गुरु’ बताया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, करीब 10 वर्ष पहले पहचान बदलकर देहरादून में रह रहे विक्रम शर्मा को जमशेदपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उस पर जमशेदपुर में कई संगीन आपराधिक मामलों में संलिप्तता के आरोप रहे हैं।
बड़े कारोबारियों को बनाया निशाना
सूत्रों के अनुसार, विक्रम पर जमशेदपुर में कई बड़े कारोबारियों को निशाना बनाने के आरोप थे। इनमें श्रीलेदर्स के मालिक आशीष डे और ट्रांसपोर्टर अशोक शर्मा की हत्या के मामले भी शामिल बताए जाते हैं।
बताया जाता है कि बाद में उसने अखिलेश सिंह को गिरोह का चेहरा बनाया। गिरोह पर टाटा स्टील के अधिकारी जयराम सिंह और ट्रांसपोर्टर अशोक सिंह की हत्या सहित कई वारदातों को अंजाम देने के आरोप लगे।
जंगल में मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग
पुलिस सूत्रों का यह भी कहना है कि विक्रम शर्मा मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग देता था और कथित तौर पर जंगलों में गिरोह के सदस्यों को प्रशिक्षण दिया जाता था। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
‘मैनेजमेंट गुरु’ के रूप में पहचान
बताया जाता है कि विक्रम शर्मा मृदुभाषी और व्यवहारकुशल व्यक्ति के रूप में अपनी छवि बनाए रखता था। 2004 से 2009 के बीच जमशेदपुर में कई पुलिस अधिकारियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से उसके संबंध होने की चर्चाएं रही हैं। मीडिया से जुड़े कुछ लोगों से भी उसके संपर्क बताए जाते हैं।
हालांकि इन संबंधों और प्रभाव को लेकर पुलिस की ओर से आधिकारिक तौर पर कोई बयान जारी नहीं किया गया है।
जांच जारी
देहरादून पुलिस और एसटीएफ की टीमें विक्रम शर्मा के आपराधिक नेटवर्क, पुराने मामलों और संभावित गैंगवार एंगल की गहन जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद ही आधिकारिक स्थिति स्पष्ट की जाएगी।