
Weather Update: मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के आठ जिलों में भारी से अति भारी वर्षा को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। बागेश्वर, चंपावत, देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, पौड़ी, टिहरी और उधम सिंह नगर जिलों में आज भयंकर बारिश होने की संभावना है।
मौसम की मार से बचने के लिए राज्य सरकार ने आपातकालीन कदम उठाए हैं। देहरादून सहित कई जिलों में सभी स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों के किनारे न जाएं और पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने से बचें। यह सावधानी इसलिए जरूरी है क्योंकि भारी बारिश के कारण अचानक बाढ़ आने और भूस्खलन की स्थिति बन सकती है।
वर्तमान में उत्तराखंड की स्थिति बेहद गंभीर है। भारी बारिश के चलते पूरे प्रदेश में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही आपदाओं से स्थानीय लोग परेशान हैं, जबकि मैदानी इलाकों में नदी-नाले उफान पर आने से व्यापक नुकसान हो रहा है। कई सड़कें जलमग्न हो गई हैं और परिवहन व्यवस्था बाधित हो रही है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने इस गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को एक महत्वपूर्ण पत्र भेजा है। इस पत्र में स्पष्ट किया गया है कि मौसम विज्ञान विभाग ने गुरुवार को राज्य के सभी जिलों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए विशेष अलर्ट जारी किया गया है और सभी अधिकारियों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
आने वाले दिनों की मौसम स्थिति भी चिंताजनक है। शुक्रवार 15 अगस्त को बागेश्वर और नैनीताल जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि बाकी सभी जिलों के लिए येलो अलर्ट रहेगा। इसके अतिरिक्त 16 अगस्त को देहरादून, नैनीताल और बागेश्वर में भारी बारिश की प्रबल संभावना है, जिसके लिए ऑरेंज अलर्ट और अन्य जिलों में येलो अलर्ट की घोषणा की गई है। यह लगातार तीन दिनों का मौसमी चक्र दर्शाता है कि उत्तराखंड अभी भी प्रकृति के कहर से पूरी तरह मुक्त नहीं हुआ है।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अतिरिक्त सावधानी बरतें और अपने-अपने क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन की पूरी तैयारी रखें। राहत और बचाव दल को अलर्ट पर रखा गया है और आपातकालीन सेवाएं 24 घंटे सक्रिय हैं।
नागरिकों से अपील की गई है कि वे घरों में रहें, अनावश्यक यात्रा न करें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें। मौसम की यह स्थिति उत्तराखंड के लिए एक गंभीर चुनौती है और सभी को मिलकर इसका सामना करना होगा।