बारामती का अगला ‘दादा’ कौन? अजित पवार के निधन के बाद विरासत; पत्नी सुनेत्रा और भतीजे युगेंद्र समेत ये हैं प्रमुख दावेदार

बारामती/मुंबई (29 जनवरी 2026): महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के आकस्मिक निधन ने प्रदेश की राजनीति में एक ऐसा शून्य पैदा कर दिया है, जिसे भरना आसान नहीं होगा। सबसे बड़ा सवाल उनके गृह क्षेत्र बारामती (Baramati) को लेकर खड़ा हो गया है। पिछले साढ़े तीन दशक (35 साल) से जिस सीट पर अजित पवार का एकछत्र राज था, अब उस ‘गढ़’ का वारिस कौन होगा?

पवार परिवार का अभेद्य किला बारामती सीट का इतिहास पवार परिवार के वर्चस्व की कहानी है।
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1967 से शुरुआत: एनसीपी संस्थापक शरद पवार ने 1967 में यहां से जीत का सिलसिला शुरू किया था।
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1991 में मिली कमान: जब शरद पवार केंद्र की राजनीति में गए, तो 1991 में उन्होंने यह सीट अपने भतीजे अजित पवार को सौंप दी।
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अजेय अजित: तब से लेकर अब तक, चाहे चाचा के साथ हों या अपनी अलग पार्टी बनाई हो, अजित पवार यहां से अजेय रहे। उन्होंने अपने काम और संपर्क से इसे ऐसा किला बना दिया था, जहां विरोधी अपनी जमानत तक नहीं बचा पाते थे।
विरासत के 4 प्रमुख दावेदार: अजित पवार के जाने के बाद बारामती की विरासत संभालने के लिए परिवार के भीतर से ही कई नाम चर्चा में हैं:
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सुनेत्रा पवार (पत्नी): सबसे प्रबल दावेदार मानी जा रही हैं। सहानुभूति लहर (Sympathy Wave) और अजित पवार की अर्धांगिनी होने के नाते जनता का भावनात्मक जुड़ाव उनके साथ हो सकता है। वह पहले भी बारामती लोकसभा सीट से चुनाव लड़ चुकी हैं और सामाजिक कार्यों में सक्रिय रही हैं।
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पार्थ पवार (बेटा): अजित पवार के बड़े बेटे पार्थ पवार राजनीति में पहले से सक्रिय हैं। हालांकि, 2019 के लोकसभा चुनाव (मावल सीट) में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन पिता की विरासत संभालने के लिए वे स्वाभाविक उत्तराधिकारी माने जा रहे हैं।
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जय पवार (छोटा बेटा): अजित पवार के छोटे बेटे जय पवार को पर्दे के पीछे का रणनीतिकार माना जाता है। पिता के चुनाव प्रचार और जनसंपर्क का जिम्मा अक्सर वही संभालते थे। युवाओं में उनकी अच्छी पकड़ है।
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युगेंद्र पवार (भतीजा): अजित पवार के भाई श्रीनिवास पवार के बेटे युगेंद्र पवार का नाम भी चर्चा में है। हालिया समय में शरद पवार गुट की तरफ से युगेंद्र को अजित पवार के खिलाफ प्रोजेक्ट किया गया था। अब बदले हालात में समीकरण क्या होंगे, यह देखना होगा.राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उपचुनाव में अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को मैदान में उतारकर पार्टी भावनात्मक कार्ड खेल सकती है। वहीं, भविष्य की राजनीति के लिए बेटों (पार्थ या जय) को आगे किया जा सकता है।
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