महिला आयोग आपके द्वार’ अभियान का रुद्रपुर में समापन,
‘ 13 मामलों में 7 का मौके पर निस्तारण

रुद्रपुर (ऊधम सिंह नगर): प्रदेशव्यापी अभियान ‘महिला आयोग आपके द्वार’ के अंतिम दिन शुक्रवार को रुद्रपुर स्थित जिलाधिकारी सभागार में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल की अध्यक्षता में विशेष जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई में कुल 13 मामले सामने आए, जिनमें से 7 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी नितिन भदौरिया ने अध्यक्ष का पौधा भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर रुद्रपुर के मेयर विकास शर्मा भी मौजूद रहे। जनसुनवाई में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आई महिलाओं ने पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा और सामाजिक योजनाओं से जुड़ी समस्याएं आयोग के समक्ष रखीं।
अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शिकायतों पर त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि महिला आयोग का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों की महिलाओं तक पहुंचकर उनकी समस्याओं को सुनना, उन्हें न्याय दिलाना और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना है।
मासूम के इलाज के लिए दिए निर्देश
जनसुनवाई के दौरान एक महिला ने बताया कि 14 जुलाई 2024 को उसका 9 वर्षीय पुत्र 33 हजार केवी की बिजली लाइन की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया था। इस पर अध्यक्ष ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चे के इलाज के लिए तत्काल आर्थिक और चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि विभागीय लापरवाही का खामियाजा एक मासूम भुगत रहा है, इसलिए मदद में कोई देरी नहीं होनी चाहिए।
पीड़ित महिलाओं की सुरक्षा के निर्देश
एक अन्य मामले में पॉक्सो पीड़िता को रास्ते में रोककर प्रताड़ित करने की शिकायत सामने आई। इस पर अध्यक्ष ने पुलिस को पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
सिडकुल क्षेत्र की एक महिला ने अपने घर पर कब्जे की कोशिश की शिकायत की, जिस पर पुलिस को आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
परिवारों को जोड़ने पर दिया जोर
जनसुनवाई के दौरान दो मामले ऐसे भी सामने आए जो आयोग के पूर्व प्रयासों से सुलझ चुके थे और अब परिवार सामान्य जीवन जी रहे हैं। एक अन्य मामले में काउंसलिंग के बाद अध्यक्ष ने परिवार को 15 दिन का समय देते हुए कहा कि रिश्तों को बचाना और परिवारों को जोड़ना आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
अध्यक्ष ने बताया कि 9 से 13 मार्च तक चला यह अभियान उन महिलाओं के लिए उम्मीद की किरण बना, जो देहरादून स्थित आयोग मुख्यालय तक नहीं पहुंच पातीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिलाओं से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए।
इसके साथ ही उन्होंने औद्योगिक संस्थानों और सरकारी विभागों में आईसीसी (आंतरिक शिकायत समिति) को सक्रिय रखने, थानों में पीड़ित महिलाओं के साथ संवेदनशील व्यवहार करने और वन स्टॉप सेंटर व महिला हेल्पलाइन के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया।
इस अवसर पर आयोग की सदस्य कंचन कश्यप, मेयर विकास शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, जिला प्रोबेशन अधिकारी व्योमा जैन, जिला कार्यक्रम अधिकारी मुकुल चौधरी, पुलिस क्षेत्राधिकारी प्रशांत कुमार, दौलत वर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।