
बिजनौर, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के किरतपुर कस्बे में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहां एक 11 वर्षीय बच्चे ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि पिता द्वारा स्कूल न जाने पर डांटने के बाद बच्चा नाराज़ होकर घर से चला गया था।
मोहल्ला मिल्कियान स्थित लाल मस्जिद के पास रहने वाले निसार सब्जी विक्रेता हैं। उनका बेटा शादान उर्फ शाहरुख, मुस्लिम फंड पब्लिक स्कूल में कक्षा दो का छात्र था, लेकिन वह स्कूल नियमित रूप से नहीं जाता था। बुधवार सुबह जब पिता ने उसे स्कूल न जाने पर डांटा, तो वह घर से निकल गया।
परिजनों के अनुसार काफी देर तक वापस न आने पर उसकी बड़ी बहन जीनत उसे ढूंढने निकली और पास के एक खाली प्लॉट में उसे दीवार पर लगे हुक से कपड़े के सहारे लटका हुआ पाया। परिजन तुरंत उसे नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना पर नजीबाबाद के सीओ और किरतपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। फॉरेंसिक टीम ने भी जांच की। पुलिस ने बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच की जा रही है।
इस दर्दनाक घटना के बाद एक बार फिर बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मेडिकल अस्पताल में कार्यरत नैदानिक मनोवैज्ञानिक डॉ. आयुषि दीक्षित ने बताया कि छोटे बच्चे गुस्से में बिना नतीजा सोचे ऐसा बड़ा कदम उठा लेते हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई बच्चा बार-बार गुस्सा करता है, खाना छोड़ देता है या स्कूल जाने से इनकार करता है, तो यह संकेत हो सकते हैं कि उसे मानसिक या भावनात्मक मदद की जरूरत है। ऐसे में माता-पिता को तुरंत मनोचिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए।