
उत्तराखंड
तीन जालसाजों ने खुद को आर्मी का अधिकारी बताकर युवक व युवतियों को आर्मी में भर्ती कराने के नाम पर 24 लाख रुपये ठग लिए। यही नहीं जालसाजों ने मेडिकल के नाम पर युवतियों को होटल में ले जाकर छेड़खानी भी की। मामले में टनकपुर कोतवाली में जीरो एफआईआर दर्ज हुई। इसके बाद अब इसे देहरादून कोतवाली में ट्रांसफर किया गया है। घटनाक्रम देहरादून के एक होटल का ही बताया जा रहा है।
मामले में टनकपुर निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत की है। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह विक्की मंडल नाम के व्यक्ति को जानते हैं। विक्की ने पिछले दिनों उनसे कहा था कि आर्मी में भर्ती आई है। इसमें 18 से 42 साल तक वाले भर्ती हो सकते हैं। उसने आठ से 10 लोगों को तैयार करने के लिए बोला। सभी से छह-छह लाख रुपये लेकर देहरादून चलने को कहा। शिकायतकर्ता ने अपने परिचितों को इसके बारे में बताया तो कुछ लोग तैयार हो गए। इनमें कुछ युवतियां भी थीं। गत जुलाई में वह इन सभी को देहरादून लेकर आ गया। यहां पर एक होटल में पीड़ित (युवक-युवतियां और उनके परिजन) रुके थे। जबकि, विक्की और उसके साथी एक फ्लैट में ठहरे थे।
यहां वे सब 10 दिनों तक रहे। कुछ लोग वहां आते और 10-10 खाली पेज पर हस्ताक्षर कराकर ले जाते थे। सभी से दस्तावेज भी ले लिए गए। इस बीच एक दिन विक्की मंडल ने कहा कि काम तभी होगा जब सभी लोग पैसा दे देंगे। फ्लैट में युवतियों को मेडिकल के लिए ले जाया गया। आरोप है कि यहां पर उनके साथ शराब के नशे में छेड़खानी की गई। पानी में नशीला पदार्थ मिलाकर उन्हें पिलाया गया। युवतियां वहां से चिल्लाते हुए बाहर निकलीं। विक्की ने इस बात के लिए माफी मांगी। इसके बाद उसके कहने पर सभी लोगों ने आरोपियों को 24 लाख रुपये नकद और खाते में दे दिए। गोविंद न्याल नाम का व्यक्ति खुद को आर्मी का डॉक्टर बता रहा था। उसके साथ उसका बहनोई भी था। शहर कोतवाल चंद्रभान सिंह अधिकारी ने बताया कि टनकपुर से आई जीरो एफआईआर के बाद कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।