
गुंजी (पिथौरागढ़)। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जे.पी. नड्डा ने रविवार को अपने आदि कैलाश व ओम पर्वत यात्रा के दौरान पिथौरागढ़ जिले के गुंजी क्षेत्र का दौरा किया। यहां पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने पारंपरिक तरीके से उनका भव्य स्वागत किया और रंग संस्कृति की प्रतीक पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया।
गुंजी हेलीपैड से केंद्रीय मंत्री सेना के अतिथि गृह पहुंचे, जहां उन्होंने भारतीय सेना, आईटीबीपी और एसएसबी के जवानों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात सुरक्षा बलों के हथियारों और आधुनिक उपकरणों की जानकारी ली। उन्होंने विषम परिस्थितियों में भी देश की सीमाओं की सुरक्षा कर रहे जवानों के अदम्य साहस और समर्पण को सलाम किया।
मंत्री नड्डा ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा, “पूरा देश आपके त्याग और बलिदान का सम्मान करता है। आपकी निष्ठा और वीरता के कारण ही देशवासी सुरक्षित महसूस करते हैं।” उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता में सुरक्षा बलों की भूमिका की सराहना करते हुए सभी जवानों को भारत सरकार की ओर से धन्यवाद दिया और हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।
इसके साथ ही नड्डा ने नाबी गांव पहुंचकर स्थानीय ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने सरकार द्वारा चलाई जा रही वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत चल रही गतिविधियों की जानकारी भी ली। इस दौरान जिलाधिकारी विनोद गोस्वामी ने पावर पॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से वाइब्रेंट विलेज के अंतर्गत संचालित योजनाओं, स्वदेश दर्शन 2.0 योजना, पीएमजीएसवाई के तहत प्रस्तावित सड़कों और स्थानीय उत्पादों से रोजगार उपलब्धता जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार और आईटीबीपी के बीच सहयोग से एक नई योजना के तहत आईटीबीपी को स्थानीय सहकारी समितियों और किसान उत्पादक संगठनों के माध्यम से ताजे पोल्ट्री उत्पाद और मटन की आपूर्ति की जा रही है, जिससे क्षेत्रीय पशुपालकों और किसानों को आर्थिक लाभ मिल रहा है।
अपनी यात्रा के दौरान केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने पवित्र आदि कैलाश क्षेत्र और पार्वती कुंड के समीप स्थित भगवान शिव के मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान शिव से देशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। उन्होंने इस क्षेत्र की अनुपम प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक महत्व की प्रशंसा करते हुए इसे “अद्वितीय” बताया।
मंत्री नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आदि कैलाश यात्रा के बाद इस क्षेत्र में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। इससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को गति मिली है।
अपनी यात्रा के अंतिम पड़ाव पर नड्डा ने ज्योलिंगकांग स्थित त्रिशूल मंदिर के दर्शन किए और वहां तैनात सेना के जवानों से बातचीत कर उनका हौसला बढ़ाया।
इस अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री अजय टम्टा, उत्तराखंड के दुग्ध एवं पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा, जिलाधिकारी विनोद गोस्वामी, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, उपजिलाधिकारी मंजीत सिंह समेत सेना, आईटीबीपी, एसएसबी और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
यह दौरा न केवल सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे और सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा के लिए महत्वपूर्ण रहा, बल्कि यह भी दर्शाता है कि केंद्र सरकार सीमांत क्षेत्रों के विकास और सुरक्षा बलों के मनोबल को लेकर सजग और प्रतिबद्ध है।