अल्मोड़ा

सचिव सहकारिता ने की राज्य सहकारी बैंक की कड़ी समीक्षा, ऋण वितरण में कमी पर जताई नाराजगी

हल्द्वानी:  उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड हल्द्वानी में आज सचिव सहकारिता दिलीप जावलकर द्वारा एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में बैंक के खराब प्रदर्शन को लेकर सचिव महोदय ने गंभीर चिंता व्यक्त की और तत्काल सुधार के कड़े निर्देश दिए।

मुख्यालय भवन का निरीक्षण और समीक्षा

प्रशासक एवं सचिव सहकारिता श्री दिलीप जावलकर ने पहले मुख्यालय भवन का विस्तृत निरीक्षण किया। इसके बाद प्रबंध निदेशक  प्रदीप मेहरोत्रा द्वारा बैंक की वर्तमान स्थिति की प्रस्तुति दी गई, जिसमें निक्षेप, ऋण वितरण, विनियोजन, सूचना प्रौद्योगिकी और एनपीए की स्थिति शामिल थी।

ऋण वितरण में कमी पर सचिव की नाराजगी

सचिव महोदय ने बैंक के ऋण वितरण और जमा संग्रह के खराब प्रदर्शन पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित लक्ष्यों के मुकाबले बैंक का प्रदर्शन अपेक्षाओं से काफी कम है, जो चिंताजनक है।

प्रदर्शन सुधार के लिए कड़े निर्देश

सचिव महोदय ने निम्नलिखित क्षेत्रों में तत्काल सुधार के निर्देश दिए:

लक्ष्य पूर्ति की अनिवार्यता: निक्षेप, ऋण वितरण और एनपीए वसूली के वार्षिक लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति अनिवार्य की गई।

निरीक्षण व्यवस्था में सुधार: रोस्टर के अनुसार शाखाओं और जिला सहकारी बैंकों का समयबद्ध निरीक्षण और वास्तविक अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

सरकारी योजनाओं का व्यापक कवरेज

प्रशासक ने भारत सरकार की निम्नलिखित योजनाओं के तहत सभी ग्राहकों को शामिल करने के निर्देश दिए:

  • प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना
  • प्रधानमंत्री सुरक्षा योजना
  • प्रधानमंत्री अटल पेंशन योजना

रोजगार सृजन पर विशेष फोकस

पर्यटन क्षेत्र में ऋण वृद्धि: रोजगार सृजन और पर्यटन क्षेत्रों में ऋण देने में वृद्धि के निर्देश दिए गए। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और पलायन की समस्या में कमी आएगी।

स्वरोजगार को बढ़ावा: युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए प्रेरित करने और अन्य युवाओं को भी रोजगार देने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए गए।

बैंकिंग प्रौद्योगिकी में सुधार

  • बैंकिंग सॉफ्टवेयर को उन्नत करने के निर्देश
  • सेवाओं की गुणवत्ता और गति में सुधार
  • ग्राहक सेवा में तकनीकी सुधार

मानव संसाधन विकास

  • रिक्त पदों के लिए तत्काल विज्ञापन जारी करने के निर्देश
  • सक्षम कर्मियों को आकर्षित करने के लिए बेहतर कार्य वातावरण निर्माण
  • कर्मचारियों को स्पष्ट लक्ष्य देकर प्रदर्शन में सुधार

वित्तीय साक्षरता और ग्राहक सेवा

एफएलसी कार्यक्रमों का विस्तार

सचिव ने वित्तीय साक्षरता कार्यक्रमों (FLC) के दौरान बैंक के ऋण उत्पादों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। साथ ही निक्षेप पखवाड़े का आयोजन करते हुए कम लागत वाले निक्षेपों पर विशेष ध्यान देने को कहा। बैंक के क्रेडिट-डिपॉजिट रेशियो में वृद्धि के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए गए।

कम्प्यूटरीकरण की अनिवार्यता

  • सभी MPACS में कम्प्यूटरीकरण तत्काल पूरा करने के निर्देश
  • रिकॉर्ड अपडेट करने की अनिवार्यता

जन औषधि केंद्र संचालन

जन औषधि केंद्रों के संचालन को बढ़ाने और व्यापक प्रचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सहकारी सदस्यों को नियमित लाभांश वितरित करने के लिए कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए।

अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 की गतिविधियां

अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के उपलक्ष्य में “पेड़ मां के नाम” योजना के तहत अधिकतम वृक्षारोपण और उनके संरक्षण के निर्देश दिए गए।

व्यापक समारोह आयोजन

  • सहकारिता वर्ष के समारोहों को तीव्र करने के निर्देश
  • लोगों और प्रतिनिधियों की भागीदारी को प्रोत्साहित करना
  • कार्यक्रमों को अधिक समावेशी बनाने पर जोर

भविष्य की कार्य योजना

सचिव महोदय ने बैंक से युद्धस्तर पर कार्य करने और निम्नलिखित क्षेत्रों में विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए:

  • ऋण वितरण में वृद्धि
  • निक्षेप संग्रह में सुधार
  • एनपीए वसूली में तेजी
  • बैंक की समग्र लाभप्रदता में वृद्धि

उपस्थित गणमान्य व्यक्ति

इस महत्वपूर्ण बैठक में निम्नलिखित अधिकारी उपस्थित थे:

  •  प्रदीप मेहरोत्रा, प्रबंध निदेशक, राज्य सहकारी बैंक
  •  हरीश खंडुरी, उपनिबंधक
  •  दान सिंह नपलच्याल, जिला सहायक निबंधक
  •  सुमन कुमार, जिला सहायक निबंधक उधमसिंहनगर
  •  सुरेश सिंह नपलच्याल, महाप्रबंधक
  •  संदीप भाटिया, महाप्रबंधक जिला सहकारी बैंक उधमसिंहनगर
  •  दिग्गविजय, उपमहाप्रबंधक
  •  धीर सिंह एवं बैंक के अन्य कर्मचारी व अधिकारी

आज की समीक्षा बैठक में सचिव सहकारिता द्वारा दिए गए निर्देश उत्तराखंड के सहकारी बैंकिंग क्षेत्र में व्यापक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। बैंक के प्रदर्शन में सुधार, रोजगार सृजन, तकनीकी उन्नयन और पर्यावरण संरक्षण के इन निर्देशों से राज्य की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button