देहरादून

देहरादून:उत्तराखंड में पहली बार देहरादून जिले में स्थापित हुए आधुनिक लॉन्ग रेंज इमर्जेंसी सायरन

देहरादून: जिलाधिकारी सविन बंसल की पहल पर राज्य में प्रथम बार देहरादून जिले में आपदा और बाहरी आक्रमण की स्थिति में नागरिकों को अलर्ट करने के लिए आधुनिक लॉन्ग रेंज इमर्जेंसी सायरन स्थापित किए गए हैं। इन सायरनों का सफल ट्रायल पूर्ण हो चुका है और अंतिम कमिशनिंग का कार्य जारी है।

आपदा एवं आपातकालीन स्थितियों से जनमानस की सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन की तैयारी अब अंतिम चरण में है। शुरुआती चरण में घनी आबादी वाले 13 प्रमुख स्थानों पर 8 किमी और 16 किमी की रेंज तक सुनाई देने वाले एडवांस टेक्नोलॉजी के सायरन लगाए गए हैं।

प्रथम चरण में 8 किमी रेंज के सायरन थाना पटेलनगर, राजपुर, डालनवाला, कैंट, कोतवाली, बसंत विहार, बिंदाल चौकी, लक्खीबाग चौकी/पुलिस लाइन और नेहरू कॉलोनी में स्थापित किए गए हैं। वहीं 16 किमी रेंज के सायरन ऋषिकेश, प्रेमनगर, क्लेमेंटाउन और रायपुर में लगाए गए हैं।

कुल मिलाकर 16 किमी रेंज के 4 और 8 किमी रेंज के 9 आधुनिक सायरन स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे पूरी देहरादून सिटी में एक साथ सायरन की आवाज सुनाई दे सकेगी। इन सायरनों का ट्रिगर संबंधित थाना-चौकियों के साथ-साथ जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र में भी रहेगा।

जिलाधिकारी की पहल पर पहली बार जिले में आर्मी, पैरामिलिट्री, एयरपोर्ट, बड़े अस्पताल और ISBT जैसी वाइटल इंस्टॉलेशन यूनिट्स पर रैपिड कम्युनिकेशन सिस्टम भी लगाए जा रहे हैं। इससे बाहरी आक्रमण एवं अन्य आपातकालीन स्थितियों में एक ही समय पर सभी संस्थानों से एक साथ संपर्क स्थापित हो सकेगा।

द्वितीय चरण में जनपद के ऋषिकेश, विकासनगर, चकराता और अन्य प्रमुख शहरों में भी चेतावनी सायरन स्थापित करने की योजना है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर डीएम की तैयारी के अनुसार, सायरन के बाद अब राज्य में प्रथम बार आधुनिक रैपिड कम्युनिकेशन सिस्टम भी जल्द स्थापित किया जाएगा।

1970 के दशक में तत्कालीन आबादी के हिसाब से लगाए गए पुराने सायरनों की जगह अब वर्तमान की घनी आबादी को ध्यान में रखते हुए नए आधुनिक सायरनों की खरीद की गई है। इन सायरनों का उद्देश्य आपात स्थिति में नागरिकों को तुरंत खतरे की चेतावनी देना है ताकि वे खुले स्थानों से हटकर सुरक्षित स्थानों पर जा सकें।

डीएम के आह्वान पर कई वर्षों बाद जिले में इमर्जेंसी कम्युनिकेशन और पब्लिक वार्निंग अलर्ट सिस्टम को उच्चीकृत किया जा रहा है। नए आधुनिक सायरन से सिविल डिफेंस सिस्टम को सुदृढ़ और सशक्त बनाने में मदद मिलेगी, जो आपात स्थिति में नागरिक सुरक्षा का एक मजबूत स्तंभ साबित होगा।

युद्ध एवं हवाई हमले जैसी स्थितियों में आम नागरिकों को खतरे की चेतावनी देने और सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए यह आधुनिक प्रणाली एक महत्वपूर्ण कदम है।

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