देहरादून: जिला चिकित्सालय को मिली आधुनिक सुविधाएं, राज्य का पहला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र भी

देहरादून: जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में आज ऋषिपर्णा सभागार कलेक्ट्रेट में राजकीय जिला चिकित्सालय (कोरोनेशन) की चिकित्सा प्रबंधन समिति की त्रैमासिक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में मुख्यमंत्री की अपेक्षाओं के अनुरूप सरकारी अस्पतालों को निजी चिकित्सालयों के बराबर सुविधाएं उपलब्ध कराने का संकल्प व्यक्त किया गया।
डीएम ने चिकित्सालय के सभी प्रस्तावों को मौके पर ही स्वीकृति प्रदान करते हुए कहा कि जनमानस को महंगे इलाज के लिए निजी अस्पतालों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसी दिशा में जिला चिकित्सालय के एसएनसीयू के लिए 6 अतिरिक्त बेड, एक्सरे मशीन और फोटोथेरेपी उपकरण की तत्काल स्वीकृति दी गई। इसके अतिरिक्त ऑटोमेटेड पार्किंग, महिला हेल्थ कैंटीन, ब्लड बैंक, डिफिब्रिलेटर, जेनरेटर और अतिरिक्त मैनपावर के प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली।
विशेष बात यह है कि राज्य का पहला आधुनिक दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) गांधी शताब्दी चिकित्सालय में स्थापित किया जा रहा है। यह केंद्र दिव्यांगजनों को प्रमाण पत्र निर्माण से लेकर फिजियोथेरेपी, मनोवैज्ञानिक परामर्श, कृत्रिम अंग, श्रवण यंत्र, व्हीलचेयर वितरण और कौशल विकास प्रशिक्षण तक की सभी सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराएगा। केंद्र में फिजियोथेरेपिस्ट, स्पीच थेरेपिस्ट, ऑक्युपेशनल थेरेपिस्ट और काउंसलर की बहु-विषयी टीम दिव्यांगजनों के लिए समग्र पुनर्वास सुनिश्चित करेगी।
बैठक में बताया गया कि एसएनसीयू में 286 बच्चे भर्ती हुए हैं, जिनमें से 287 को डिस्चार्ज किया गया और 21 को रेफर किया गया। सुविधाओं की कमी के कारण रेफरल की समस्या को देखते हुए डीएम ने तत्काल सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने स्वयं ब्लड बैंक निर्माण कार्य और डीडीआरसी का निरीक्षण करने की घोषणा की है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, सीएमएस डॉ मन्नू जैन, डॉ जेपी नौटियाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।