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स्कूल वैन चालकों ने ARTO को सौंपा ज्ञापन, GPS अनिवार्यता और अवैध वाहनों पर कार्रवाई की मांग

दिनांक: 29/9/25 उत्तराखंड स्कूल वैन एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सचिन गुप्ता के नेतृत्व में वैन चालकों का प्रतिनिधिमंडल आज सहायक परिवहन अधिकारी (ARTO) देहरादून चक्रपानी मिश्रा से मिला और समस्याओं के निवारण हेतु ज्ञापन सौंपा।

सचिन गुप्ता ने बताया कि उत्तराखंड का बेरोजगार युवा बैंक आदि से लोन लेकर स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने का कार्य करता है और इसी से अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। वर्ष 2013 से परिवहन विभाग एवं उच्च न्यायालय द्वारा बनाए गए सभी नियम जैसे गाड़ी का पीला रंग, फर्स्ट एड बॉक्स, फायर सीरीज, खिड़की पर जाली आदि का पालन चालक कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि टैक्स, इंश्योरेंस, फिटनेस और पेट्रोल जैसी लागत पहले से ही अधिक है। अब स्कूली वाहनों में जीपीएस लगाने की अनिवार्यता से आर्थिक बोझ और बढ़ गया है। जीपीएस लगाने से तकनीकी दिक्कतें भी आ रही हैं जैसे 2 दिन में बैटरी खत्म होना और फिटनेस सेंटर की दूरी के कारण समय और पैसा दोनों का नुकसान होना। इससे बच्चों और अभिभावकों को भी परेशानी हो रही है।

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी आरोप लगाया कि कई वाहन बिना परमिट और फिटनेस के अवैध रूप से बच्चों का परिवहन कर रहे हैं, जिन पर जीपीएस की कोई अनिवार्यता नहीं है। विभाग द्वारा इस दोहरे रवैये को समाप्त करने की मांग की गई।

मुख्य मांगें:

2019 से पहले की स्कूल वैन में जीपीएस की अनिवार्यता समाप्त की जाए और फिटनेस न रोकी जाए।

अवैध रूप से चल रहे स्कूली वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।

भविष्य में स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने वाले वाहन चालकों का पुलिस वेरिफिकेशन और आरटीओ से ट्रेनिंग सर्टिफिकेट का सत्यापन अनिवार्य किया जाए।

पूर्व की भांति स्कूल वैन की फिटनेस आशा रोडी में ही की जाए।

प्रतिनिधिमंडल में पवन पासवान, सुमित कश्यप, पवन मेहंदीरट्टा, कृष्ण कुमार, जतिन अरोरा, लक्ष्मण कुमार, विशाल, पवन कुमार, हरीश कुमार और अमन शामिल रहे।

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