उत्तराखंडदेहरादून

देहरादून का नियोजित और पारदर्शी विकास हमारी प्राथमिकता – विनय शंकर पांडेय

जनहित से जुड़े निर्माण कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा – बंशीधर तिवारी

देहरादून, 27 अक्टूबर 2025: एमडीडीए बोर्ड बैठक में 41 प्रस्तावों को सैद्धांतिक स्वीकृति, देहरादून महायोजना 2041 की आपत्तियों की सुनवाई शीघ्र शुरू होगी

धौलास आवासीय परियोजना के अवशेष कार्यों को पूरा करने हेतु ₹50 करोड़ ऋण की स्वीकृति, परियोजना देहरादून में आधुनिक आवासीय सुविधाओं को देगी नया आयाम

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की 112वीं बोर्ड बैठक आयुक्त गढ़वाल मंडल एवं बोर्ड के अध्यक्ष विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में सचिवालय स्थित कार्यालय में सम्पन्न हुई। बैठक की शुरुआत में उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने अध्यक्ष और सभी सदस्यों का स्वागत किया। इसके उपरांत सचिव मोहन सिंह बर्निया ने पिछली 111वीं बोर्ड बैठक की अनुपालन आख्या प्रस्तुत की, जिसे बोर्ड ने अनुमोदित किया। इसके बाद 112वीं बैठक की औपचारिक कार्यवाही प्रारंभ हुई।

विकास से जुड़े 41 प्रस्तावों पर व्यापक चर्चा

बैठक में एमडीडीए से संबंधित लगभग 41 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया। इनमें ईको-रिज़ॉर्ट, होटल, व्यावसायिक निर्माण, आवासीय मानचित्र स्वीकृति, तलपट अनुमोदन आदि शामिल थे। विस्तृत चर्चा के बाद जनहित और नियामकीय दृष्टि से उपयुक्त प्रस्तावों को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई। वहीं, कुछ प्रस्तावों को अस्वीकृत किया गया और कुछ को अगली बैठक के लिए विचाराधीन रखा गया।

देहरादून महायोजना 2041 पर गहन मंथन

बैठक में देहरादून महायोजना-2041 (प्रारूप) से संबंधित आपत्तियों और सुझावों पर विशेष चर्चा की गई। अध्यक्ष ने बताया कि पूर्व में प्राप्त आपत्तियों के अलावा वर्तमान में भी कई अभ्यावेदन प्राधिकरण को प्राप्त हो रहे हैं। विशेष रूप से उत्तराखंड इंजीनियर्स एवं आर्किटेक्ट्स एसोसिएशन द्वारा दिए गए प्रत्यावेदन में प्रारूप महायोजना में भौगोलिक विषमताओं का उल्लेख किया गया है।

बोर्ड ने निर्णय लिया कि सभी आपत्तियों की शीघ्र सुनवाई उपाध्यक्ष एमडीडीए के समक्ष कराई जाएगी और निष्कर्ष शासन को भेजे जाएंगे, ताकि महायोजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और व्यवहारिकता सुनिश्चित हो सके।

हुडको से ₹50 करोड़ ऋण की स्वीकृति

धौलास आवासीय परियोजना को शीघ्र पूर्ण करने के लिए एमडीडीए ने बड़ा कदम उठाया है। परियोजना की संशोधित लागत ₹102.74 करोड़ (जीएसटी एवं अन्य करों सहित) निर्धारित की गई है। इसके वित्तपोषण के लिए ₹50 करोड़ का ऋण हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (हुडको) से लेने का प्रस्ताव शासन द्वारा सशर्त स्वीकृत किया गया है।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि ऋण की प्रतिपूर्ति की जिम्मेदारी शासन की नहीं होगी और इस प्रस्ताव पर प्राधिकरण बोर्ड का अनुमोदन अनिवार्य रहेगा। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने बताया कि बोर्ड की स्वीकृति के बाद अब परियोजना के शेष कार्यों को तेजी से पूरा किया जाएगा। यह परियोजना देहरादून में आधुनिक आवासीय सुविधाओं को नया आयाम देगी।

विनय शंकर पांडेय का बयान

आयुक्त गढ़वाल मंडल एवं एमडीडीए अध्यक्ष विनय शंकर पांडेय ने कहा कि एमडीडीए राजधानी देहरादून के सुनियोजित और संतुलित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी प्राथमिकता है कि सभी विकास परियोजनाएं पारदर्शी ढंग से, नियमों के अनुरूप और नागरिकों के हित में क्रियान्वित हों।

देहरादून महायोजना-2041 से संबंधित सभी आपत्तियों की निष्पक्ष सुनवाई की जाएगी, ताकि शहर का विकास वैज्ञानिक दृष्टिकोण और जनहित के अनुरूप हो सके। उन्होंने कहा कि बोर्ड बैठक में पारित निर्णय राजधानी के विकास को गति देंगे और शहर को एक सस्टेनेबल अर्बन मॉडल के रूप में विकसित करने में सहायक होंगे।

बंशीधर तिवारी का बयान

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण का लक्ष्य आम नागरिकों को सुविधा देने वाली योजनाओं को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाना है। ईको-रिज़ॉर्ट, होटल और आवासीय परियोजनाएं प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाएंगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगी।

उन्होंने बताया कि एमडीडीए की टीम शहर के सौंदर्यीकरण, यातायात प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और जनसुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सभी निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा और निगरानी कर रही है।

जनसहभागिता और पारदर्शिता पर बल

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि विकास योजनाओं में जनसहभागिता को बढ़ावा देने के लिए सुझाव प्राप्त करने की प्रक्रिया को और सरल बनाया जाएगा। ऑनलाइन माध्यमों से आवेदन और अनुमोदन प्रक्रिया को सशक्त करने पर भी बल दिया गया, ताकि नागरिकों को पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं मिल सकें।

बैठक में उपस्थित सदस्य

बैठक में विजय कुमार (संयुक्त सचिव वित्त, नामित प्रतिनिधि), कृष्ण कुमार मिश्र (एडीएम, एफआर), धीरेन्द्र कुमार सिंह (संयुक्त सचिव, आवास), संतोष कुमार पांडेय (उपनगर अधिकारी, नगर निगम देहरादून), एस.एम. श्रीवास्तव (मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक, उत्तराखंड), मोहन सिंह बर्निया (सचिव एमडीडीए), गौरव चटवाल (संयुक्त सचिव एमडीडीए), संजीव कुमार सिंह (वित्त नियंत्रक एमडीडीए), एच.सी.एस. राणा (मुख्य अभियंता एमडीडीए), सुनील कुमार (अधिशासी अभियंता) तथा अजय कुमार मलिक (सहायक अभियंता) सहित प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के अंत में अध्यक्ष विनय शंकर पांडेय ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बोर्ड द्वारा लिए गए निर्णय देहरादून के संतुलित, हरित और योजनाबद्ध विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।

 

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