Uncategorizedउत्तराखंडदेहरादून

एंजेल चकमा हत्याकांड: मातम में डूबा त्रिपुरा का गांव, पिता की दो टूक- ‘आर्थिक मदद नहीं, बेटे के लिए इंसाफ चाहिए’

त्रिपुरा का माछीमार गांव अपने होनहार बेटे एंजेल चकमा की असामयिक और रहस्यमय मौत के बाद गहरे शोक में डूबा है। बेहतर शिक्षा और सुनहरे भविष्य की तलाश में देहरादून गए एंजेल का सफर एक त्रासदी पर खत्म हुआ, और अब वह कभी अपने घर नहीं लौटेगा।
Source-Social Media

​घटना के बाद पूर्व सांसद तरुण विजय ने शुक्रवार को मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया, लेकिन बेटे को खोने वाले पिता का दर्द आंसुओं के साथ गुस्से में भी झलक रहा है।

​पुलिस जांच पर सवाल और न्याय की मांग

एंजेल के पिता ने पूर्व सांसद से बातचीत के दौरान स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें सरकार या प्रशासन से किसी भी तरह की आर्थिक सहायता की दरकार नहीं है। उन्होंने कहा, “मुझे पैसे नहीं चाहिए, मुझे मेरे बेटे के लिए न्याय चाहिए।” परिजनों ने पुलिस की अब तक की जांच पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

​अधूरा रह गया मां से किया वादा

एंजेल के निधन से जुड़ा सबसे भावुक पहलू वह वादा है जो उसने अपनी मां से किया था। परिजनों के मुताबिक, एंजेल ने हाल ही में मां को फोन कर बताया था कि उसे एक लाख रुपये मासिक वेतन वाली नौकरी मिल गई है। उसने खुशी-खुशी कहा था कि वह जल्द ही मां को अपने पास देहरादून ले जाएगा। लेकिन इससे पहले कि वह अपना वादा पूरा कर पाता, उसकी मौत की खबर घर पहुंच

पूर्व सांसद तरुण विजय ने शोक संतप्त परिवार को भरोसा दिलाया कि दुख की इस घड़ी में वे अकेले नहीं हैं। उन्होंने जानकारी दी कि इस संवेदनशील मामले को लेकर उत्तराखंड और त्रिपुरा की सरकारें लगातार एक-दूसरे के संपर्क में हैं और मामले पर नजर बनाए हुए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!