
उत्तराखंड में सुशासन को जमीनी स्तर पर उतारने और आम जनता को त्वरित राहत देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चल रहा ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान एक प्रभावी और भरोसेमंद प्रशासनिक मॉडल के रूप में उभर कर सामने आया है। इस अभियान ने एक ही दिन में 7,876 नागरिकों तक पहुंचकर नया रिकॉर्ड कायम किया है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक राज्यभर में आयोजित 408 शिविरों में 3.30 लाख से अधिक नागरिक प्रतिभाग कर चुके हैं। इन शिविरों के माध्यम से प्रशासन और आम जनता के बीच की दूरी काफी हद तक कम हुई है और लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सीधे अधिकारियों से संवाद करने का अवसर मिला है।
अभियान के दौरान प्राप्त कुल 33,529 शिकायतों में से 22,675 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है, जबकि शेष शिकायतों पर भी तेजी से कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही 1.79 लाख से अधिक नागरिक विभिन्न सरकारी योजनाओं से लाभान्वित हुए हैं।
मंगलवार को आयोजित शिविरों में भारी संख्या में लोगों की भागीदारी ने इस अभियान की लोकप्रियता और प्रभावशीलता को स्पष्ट कर दिया है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लगाए जा रहे इन शिविरों में राजस्व, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेंशन, राशन और अन्य विभागों से जुड़ी समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जा रहा है।
सरकार का कहना है कि यह अभियान केवल शिकायत निवारण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जनता को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने, पात्र लाभार्थियों को लाभ दिलाने और पारदर्शी प्रशासन सुनिश्चित करने की दिशा में एक मजबूत पहल है।
गौरतलब है कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान को आगे भी लगातार जारी रखा जाएगा, ताकि राज्य के प्रत्येक नागरिक तक सरकार की पहुंच सुनिश्चित की जा सके।