
उत्तरकाशी/गंगोत्री (27 जनवरी 2026): आगामी चारधाम यात्रा से पहले उत्तराखंड के गंगोत्री धाम से एक बड़ा फैसला सामने आया है। गंगोत्री मंदिर समिति ने धाम की धार्मिक पवित्रता और परंपराओं का हवाला देते हुए गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। यह नियम सिर्फ गंगोत्री धाम ही नहीं, बल्कि मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा (Mukhba) गांव में भी लागू होगा।

मंदिर और घाट पर नहीं जा सकेंगे गैर-हिंदू’ गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल ने एक वीडियो संदेश जारी कर इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
गंगोत्री मंदिर परिसर और गंगा घाट पर गैर-हिंदुओं का प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहेगा। यह कदम तीर्थ स्थलों की मर्यादा और सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए उठाया गया है। समिति यह सुनिश्चित करेगी कि इन नियमों का कड़ाई से पालन हो।
अक्षय तृतीया से शुरू होगी यात्रा गंगोत्री धाम के कपाट हर साल अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर खुलते हैं। कपाट खुलने की तिथि चैत्र नवरात्रि में तय की जाएगी। यात्रा शुरू होने से पहले ही मंदिर समिति ने यह बड़ा कदम उठाया है, जिससे इस बार की यात्रा के नियम सख्त होने के संकेत मिल रहे हैं।
बदरी-केदार में भी तैयारी? गंगोत्री के बाद अब बदरीनाथ और केदारनाथ में भी ऐसे ही नियम लागू हो सकते हैं। बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने संकेत दिए हैं कि आगामी बोर्ड बैठक में अधीनस्थ मंदिरों में गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित करने का प्रस्ताव लाया जाएगा। द्विवेदी ने कहा, “केदारखंड और मानसखंड के मंदिरों में परंपरागत रूप से गैर-हिंदुओं का प्रवेश प्रतिबंधित रहा है, लेकिन पिछली सरकारों में इसका उल्लंघन हुआ। अब परंपराओं के अनुपालन के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।”