
नैनीताल (28 जनवरी 2026): सरोवर नगरी नैनीताल में खेल भावना पर सरकारी विभागों की आपसी खींचतान भारी पड़ गई है। डीएसए (DSA) खेल मैदान पर अधिकार को लेकर नगर पालिका परिषद और जिला खेल विभाग के बीच छिड़े ‘महाभारत’ के कारण एक बड़ा नगर स्तरीय क्रिकेट टूर्नामेंट अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है।
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सुबह से शाम तक चला हाईवोल्टेज ड्रामा खेल भावना को बढ़ावा देने के लिए जिला खेल विभाग 32 टीमों का एक क्रिकेट टूर्नामेंट आयोजित करने जा रहा था। मंगलवार सुबह करीब 8 बजे जब टूर्नामेंट शुरू होना था, तभी नगर पालिका अध्यक्ष और सभासदों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। दोनों विभागों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। यह विवाद शाम तक चलता रहा, जिसके बाद अंततः प्रतियोगिता को रोकना पड़ा।
खेल विभाग का तर्क: ‘पहले सहमति बनी, अब 3 लाख बर्बाद’ जिला क्रीड़ा अधिकारी निर्मला पंत ने बताया कि टूर्नामेंट के लिए पिच निर्माण समेत सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं, जिस पर करीब 3 लाख रुपये खर्च हुए। उन्होंने दावा किया कि पहले नगर पालिका अध्यक्ष और खेल प्रेमियों के साथ बैठक में सहमति बनी थी, लेकिन ऐन वक्त पर आयोजन रोक दिया गया। यह सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग और खेल भावना को ठेस पहुंचाना है।
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एक्शन: नाराज क्रीड़ा अधिकारी ने नगर पालिका अध्यक्ष समेत अन्य लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए कोतवाली में तहरीर दी है।
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नगर पालिका का तर्क: ‘मैदान हमारा है, बिना अनुमति खेल नहीं होगा’ नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. सरस्वती खेतवाल ने खेल विभाग के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने दो टूक कहा कि डीएसए मैदान नगर पालिका की संपत्ति है।
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नियम का हवाला: उन्होंने स्पष्ट किया कि पूर्व प्रशासक ने मैदान को 30 साल के लिए खेल विभाग को लीज पर देने का निर्णय लिया था, लेकिन उसका कोई विधिवत अनुबंध (Contract) नहीं हुआ। नए बोर्ड ने 17 फरवरी 2025 की पहली बैठक में उस आदेश को निरस्त कर दिया है।
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बिना अनुमति आयोजन: डॉ. खेतवाल ने कहा कि किसी भी आयोजन के लिए नगर पालिका की पूर्व अनुमति अनिवार्य है, जो नहीं ली गई। इस विवाद के चलते मंगलवार से शुरू होने वाली ‘पृथ्वीराज सिंह क्रिकेट प्रतियोगिता’ भी रद्द हो गई।
पुलिस की एंट्री मामला बढ़ने पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। खेल विभाग के अधिकारी घंटों कोतवाली में डटे रहे और मुकदमा दर्ज करने की मांग करते रहे। मल्लीताल कोतवाली के एसएसआई दिनेश चंद्र जोशी ने बताया कि शिकायती पत्र मिला है, विधिक पहलुओं पर विचार किया जा रहा है।
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