देहरादून। शहर के पटेलनगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मोहब्बेवाला इलाका लगातार सड़क हादसों के कारण सुर्खियों में बना हुआ है। बीते रोज एक बार फिर इस क्षेत्र में बड़ा हादसा हुआ, जब आशारोड़ी की ओर से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रक ने छह वाहनों को टक्कर मार दी। हादसे में ट्रक चालक और क्लीनर घायल हो गए, जिनका उपचार जारी है।
यह घटना इस इलाके में पहली नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में यहां 10 बड़े सड़क हादसे हो चुके हैं, जिसके चलते इस मार्ग को पहले ही ‘ब्लैक स्पॉट’ घोषित किया जा चुका है।

पहले भी हो चुके हैं कई गंभीर हादसे
मोहब्बेवाला और आशारोड़ी के बीच यह मार्ग लगातार दुर्घटनाओं का केंद्र बना हुआ है। प्रमुख घटनाओं में—
- अगस्त 2023 में यूटर्न ले रहे ट्रक को पीछे से आ रहे ट्रक ने टक्कर मारी।
- नवंबर 2024 में कंटेनर की टक्कर से एक व्यक्ति की मौत हुई।
- जून 2025 में हरियाणा के पर्यटकों की कार को ट्रक ने टक्कर मारी, जिसमें चार लोगों की जान गई।
- दिसंबर 2025 में सीमेंट से भरे ट्रक ने कई वाहनों को टक्कर मारते हुए दुकान में घुस गया।
- फरवरी और मार्च 2026 में भी कई ट्रक हादसे हुए, जिनमें वाहन पलटने और आग लगने जैसी घटनाएं सामने आईं।

स्थानीय लोगों ने बताई वजह
स्थानीय निवासियों के अनुसार, बीते दो वर्षों में इस क्षेत्र में हादसों की संख्या तेजी से बढ़ी है। उनका कहना है कि पहले यहां यातायात धीमा रहता था, लेकिन डाटकाली टनल खुलने और सड़क चौड़ीकरण के बाद स्थिति बदल गई।
अब दिल्ली की ओर से आने वाले भारी वाहन तेज रफ्तार में होते हैं और मोहब्बेवाला की ढलान पर उनकी गति और बढ़ जाती है। तेज रफ्तार और ढलान का यह संयोजन हादसों की बड़ी वजह बन रहा है।
प्रशासन ने पहले ही घोषित किया ‘ब्लैक स्पॉट’
इस मार्ग की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही इसे ‘ब्लैक स्पॉट’ घोषित किया है। इसके लिए आरटीओ, एसडीएम और एसपी सिटी की संयुक्त समिति का गठन किया गया था, जो लगातार इस क्षेत्र का सर्वे कर रही है।
पुलिस का क्या कहना है
देहरादून के एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि आशारोड़ी से मोहब्बेवाला के बीच सड़क पर पहले से ही दुर्घटनाएं होती रही हैं और समस्या अभी भी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि संबंधित समिति द्वारा इस स्थान को ब्लैक स्पॉट चिन्हित किया गया है और सुधार कार्यों के लिए सर्वे जारी है।
उन्होंने बताया कि फिलहाल राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को रेडियम लाइट, संकेतक और अन्य सुरक्षा उपाय तत्काल लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, जल्द ही स्थायी समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
समाधान की दरकार
लगातार हो रहे हादसों ने स्थानीय लोगों में दहशत पैदा कर दी है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि जब तक इस ढलान और सड़क संरचना में सुधार नहीं किया जाता, तब तक हादसों का सिलसिला थमना मुश्किल है।
निष्कर्षतः, मोहब्बेवाला का यह ब्लैक स्पॉट अब प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है। समय रहते ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में और भी गंभीर हादसे हो सकते हैं।
