
देहरादून। उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2023 को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित भ्रामक और अनधिकृत सामग्री के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। थाना राजपुर में एक सोशल मीडिया अकाउंट संचालक और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। वहीं, सचिव उद्योग एवं सचिव मुख्यमंत्री विनय शंकर पांडे ने प्रदेश में निवेश की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि निवेश से संबंधित आंकड़े सार्वजनिक हैं और परियोजनाओं का विवरण सरकारी पोर्टल पर उपलब्ध है।
सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर शिकायत
पुलिस के अनुसार, अपर निदेशक स्तर के अधिकारी मृत्युंजय सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी। तहरीर में आरोप लगाया गया कि सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य प्लेटफॉर्म के माध्यम से राज्य में निवेश तथा वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट को लेकर कथित भ्रामक सामग्री प्रसारित की जा रही है।
शिकायतकर्ता ने आशंका जताई कि ऐसी सामग्री से उत्तराखंड की निवेश संबंधी छवि और औद्योगिक माहौल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई करने का अनुरोध किया। एसपी सिटी शेखर सुयाल के अनुसार, मामले में एक व्यक्ति और एक अज्ञात आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच की जिम्मेदारी उपनिरीक्षक देवेंद्र सिंह चौहान को सौंपी गई है।
1.01 लाख करोड़ रुपये के निवेश की ग्राउंडिंग
सचिव उद्योग विनय शंकर पांडे ने बताया कि दिसंबर 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के दौरान करीब 3.56 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर समझौता ज्ञापन (एमओयू) किए गए थे। सरकार के अनुसार, इनमें से अब तक 1.01 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। निवेशकों की मदद के लिए निवेश मित्रों की व्यवस्था की गई है, जो सरकारी प्रक्रियाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान और परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में सहयोग करते हैं।
विनय शंकर पांडे के मुताबिक, निवेश से जुड़े आंकड़े उद्योग विभाग, यूके स्पाइस और सिंगल विंडो सिस्टम के पोर्टल पर उपलब्ध हैं। इनमें परियोजनाओं, संबंधित विभागों और उनके स्थान की जानकारी दर्ज की गई है।
पर्यावरण संरक्षण के साथ औद्योगिक विकास पर जोर
सचिव ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां दूसरे राज्यों से अलग हैं। प्रदेश का लगभग 70 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है, इसलिए औद्योगिक विकास की योजनाएं तैयार करते समय पर्यावरणीय संतुलन का ध्यान रखना जरूरी है। देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल के कुछ हिस्सों में औद्योगिक गतिविधियों की अधिक संभावनाएं हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप सरकार की औद्योगिक नीतियों का उद्देश्य आर्थिक विकास के साथ रोजगार के अवसर बढ़ाना है। इसके लिए देश के प्रमुख शहरों और विदेशों में रोड शो आयोजित किए गए। प्रदेश के गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों सहित विभिन्न जिलों में भी निवेश सम्मेलनों के माध्यम से स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहित किया गया।
24 हजार करोड़ रुपये के निवेश की अगली तैयारी
सचिव उद्योग ने बताया कि प्रदेश में करीब 24 हजार करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश को धरातल पर उतारने की तैयारी चल रही है। इसके लिए जल्द ही चौथी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी आयोजित किए जाने की योजना है। उन्होंने मीडिया और अन्य संबंधित लोगों से परियोजनाओं का मौके पर निरीक्षण करने तथा उद्यमियों से बातचीत के आधार पर निवेश की प्रगति का आकलन करने की अपील की।
फिलहाल, सोशल मीडिया पर कथित भ्रामक सामग्री प्रसारित करने के मामले में पुलिस की जांच जारी है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद संबंधित अकाउंट संचालक की भूमिका और शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के दौरान की जाएगी।