
देहरादून, 23 अक्टूबर 2026। राजकीय इंटर कॉलेज, पटेल नगर में नशा मुक्त भारत अभियान-2026 के तहत जन-जागरूकता कार्यक्रम एवं समापन समारोह का आयोजन किया गया। उत्तराखंड राज्य बाल कल्याण परिषद, देहरादून ने समाज कल्याण विभाग के सहयोग से जनपद स्तर पर आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया। साथ ही छात्र-छात्राओं से स्वयं नशे से दूर रहने और समाज में नशामुक्ति का संदेश फैलाने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की पहल के तहत आयोजित किया गया। इसमें माध्यमिक शिक्षा निदेशक विनोद प्रसाद सेमल्टी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मुख्य शिक्षा अधिकारी, देहरादून गोविंद राम जायसवाल और उत्तराखंड राज्य बाल कल्याण परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. एस. फारूख विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।

इस अवसर पर परिषद के उपाध्यक्ष मोहन खत्री, महासचिव आशा रानी पैन्यूली, कार्यक्रम प्रभारी एवं आजीवन सदस्य सुनील जोशी, राजकीय शिक्षक संघ के पूर्व अध्यक्ष राम सिंह चौहान, आनंदमणि सेमवाल, संयुक्त सचिव ज्योत्सना खत्री, पूर्व प्रधानाचार्य देवेंद्र खत्री, करण खंडूरी, विजयलक्ष्मी रावत सहित विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य, शिक्षक और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि विनोद प्रसाद सेमल्टी, मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल, डॉ. एस. फारूख और मोहन खत्री ने विद्यार्थियों को नशे की लत से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दी। वक्ताओं ने कहा कि नशा व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने के साथ-साथ उसके परिवार, शिक्षा, सामाजिक प्रतिष्ठा और आर्थिक स्थिति पर भी प्रतिकूल असर डालता है।

उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। युवाओं को नशे से दूर रहकर स्वस्थ जीवनशैली अपनानी चाहिए और अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना चाहिए।
आशा रानी पैन्यूली ने विद्यार्थियों से किया जागरूकता फैलाने का आह्वान
उत्तराखंड राज्य बाल कल्याण परिषद की महासचिव आशा रानी पैन्यूली ने विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने और अपने परिवार, मोहल्ले तथा आसपास के क्षेत्रों में नशे के विरुद्ध जन-जागरूकता फैलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं की जागरूकता और सकारात्मक भागीदारी से ही नशामुक्त समाज तथा विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में मदद मिल सकती है।

छह विद्यालयों के विद्यार्थियों को मिला पुरस्कार
अभियान के अंतर्गत जनपद के विभिन्न विद्यालयों में आयोजित निबंध प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार के साथ प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
- राजकीय इंटर कॉलेज, चकराता: प्रथम आरुषी चौहान, द्वितीय रावी और तृतीय हिना।
- पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज, कालसी: प्रथम आसिका, द्वितीय तान्या और तृतीय सुहाना चौहान।
- पिलिक इंटर कॉलेज, डोईवाला: प्रथम आयशा सलीम, द्वितीय प्रदान थापा और तृतीय शफा।
- राजकीय इंटर कॉलेज, सेलाकुई: प्रथम शफा खान, द्वितीय अंजली कंडारे और तृतीय अमन सिंह।
- पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज, हरबर्टपुर: प्रथम वंदना चौहान, द्वितीय पारस और तृतीय नाजिया परवीन।
- राजकीय इंटर कॉलेज, पटेल नगर: प्रथम सावित्री, द्वितीय अंशिका और तृतीय दिशा।

समारोह के दौरान विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को भी उनके योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इनमें राजकीय इंटर कॉलेज चकराता के प्रधानाचार्य दीपक विष्णोई, पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज हरबर्टपुर के प्रधानाचार्य अवनींद्र बड़थ्वाल, पिलिक इंटर कॉलेज डोईवाला के प्रधानाचार्य अंकित डोबरियाल, राजकीय इंटर कॉलेज सेलाकुई के प्रधानाचार्य डी.पी. थपलियाल और राजकीय इंटर कॉलेज पटेल नगर के प्रधानाचार्य रमेश पैन्यूली सहित अन्य शिक्षक शामिल रहे।
कार्यक्रम प्रभारी एवं आजीवन सदस्य सुनील जोशी ने अभियान के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्यार्थियों के माध्यम से समाज में नशामुक्त जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियानों की वास्तविक सफलता तभी होगी, जब कार्यक्रम में शामिल प्रत्येक छात्र-छात्रा अपने क्षेत्र और समाज के लोगों को नशे से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करेगा।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश अपने परिवारों और समुदाय तक पहुंचाएं तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
कार्यक्रम के समापन पर राजकीय इंटर कॉलेज पटेल नगर के प्रधानाचार्य रमेश पैन्यूली ने उत्तराखंड राज्य बाल कल्याण परिषद के पदाधिकारियों और आयोजकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों, अभिभावकों और आमजन पर सकारात्मक प्रभाव डालेंगे। साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि विद्यालय की ओर से भविष्य में भी नशामुक्ति के संदेश का प्रचार-प्रसार और जन-जागरूकता संबंधी गतिविधियां जारी रखी जाएंगी।
कार्यक्रम का समापन नशामुक्त समाज के निर्माण, युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और देहरादून जनपद में नशे के विरुद्ध व्यापक जनभागीदारी विकसित करने के संकल्प के साथ हुआ।