उत्तराखंड

उत्तराखंड विधानसभा मानसून सत्र के पहले दिन हंगामा

गैरसैंण: उत्तराखंड विधानसभा के मानसून सत्र का पहला दिन विपक्षी पार्टियों के जोरदार प्रदर्शन के कारण अशांत रहा। सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी, जबकि सरकार की ओर से 5000 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट पेश करने की घोषणा की गई।

सत्र की शुरुआत सुबह 11 बजे हुई, लेकिन कांग्रेस के विधायकों ने तुरंत ही प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर सरकार के विरुद्ध नारेबाजी शुरू कर दी। कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने सदन में नियम 310 के तहत चर्चा की मांग रखी, जिसके बाद सभी विपक्षी सदस्य अपनी सीटों से खड़े होकर वेल में पहुंच गए।

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने आरोप लगाते हुए कहा कि “भाजपा के कुकृत्यों ने प्रदेश को शर्मसार किया है।” उनके साथ कांग्रेस के सभी विधायकों के अतिरिक्त बसपा विधायक मोहम्मद शहजाद भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गए। लगातार नारेबाजी और अव्यवस्था के कारण विधानसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही पहले 11:30 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।

कार्यवाही पुनः शुरू होने पर भी विपक्ष का रुख नहीं बदला, जिससे सदन को दोबारा 11:40 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। तीसरी बार कार्यवाही की कोशिश की गई, लेकिन मात्र 10 मिनट बाद ही सदन को 12:30 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

इस बीच सरकार की ओर से वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए लगभग 5000 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट पेश करने की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, जो वित्त मंत्री का पदभार भी संभालते हैं, इस अनुपूरक बजट को सदन के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। सरकारी सूत्रों के अनुसार, पहले दिन ही सदन पटल पर अनुपूरक अनुदान मांगें पेश की जाने की योजना थी।

विधानसभा अध्यक्ष ने सत्र से पहले अपील की थी कि सभी सत्ता और विपक्षी पार्टियों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा था कि सदन की गरिमा को बनाए रखते हुए प्रदेश के विकास और जनहित के मुद्दों पर गंभीर चर्चा हो। उन्होंने सभी विधायकों से आग्रह किया था कि अपने विधानसभा क्षेत्रों की समस्याओं को उठाकर रचनात्मक बहस में योगदान दें।

हालांकि मानसून सत्र के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं और सदन को सुचारू रूप से संचालित करने की व्यवस्था थी, लेकिन विपक्ष के जोरदार विरोध के कारण पहले दिन की कार्यवाही बाधित रही। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि क्या सरकार अपने अनुपूरक बजट को सफलतापूर्वक पास करा पाती है या विपक्ष की रणनीति सत्र को प्रभावित करती रहती है।

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