Dehradun: टिहरी बांध विस्थापितों के भू-आवंटन घोटाले की जांच सीबीसीआईडी के हवाले, दोषियों को जेल भेजने की तैयारी

देहरादून: टिहरी बांध परियोजना से प्रभावित परिवारों को आवासीय भू-खण्ड आवंटन में हुए फर्जीवाड़े (लैंड फ्रॉड) के मामलों ने जिला प्रशासन की नींद उड़ा दी है। जनता दर्शन कार्यक्रम में बार-बार आ रही शिकायतों, विशेषकर पुलमा देवी के मामले ने प्रशासन को कड़ा रुख अपनाने पर मजबूर कर दिया है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने शासन को संस्तुति भेजते हुए इन मामलों की सीबीसीआईडी जांच कराने की अनुशंसा की है।(Dehradun)

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि भूमि आवंटन से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और संबंधित लोगों के खिलाफ निलंबन से लेकर मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने तक की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि टिहरी बांध पुनर्वास विभाग द्वारा वर्षों से प्रभावित परिवारों को भू-खण्ड आवंटन में पारदर्शिता का अभाव देखा गया है, जिसके कारण विस्थापितों को न्याय नहीं मिल पा रहा है।
जनता दर्शन में पुलमा देवी, सुमेर चंद, हेमंत कुमार, शैलेन्द्र कुमार और अजय चौहान समेत कई प्रभावितों ने दोहरे भू-आवंटन, धोखाधड़ी और कब्जा विवाद की शिकायतें दर्ज कराई थीं। जांच में पाया गया कि कई भू-खण्ड एक से अधिक बार आवंटित किए गए और कई मामलों में फर्जी कब्जा दिखाकर भूमिधरी दर्ज कराई गई।(Dehradun)
जिला प्रशासन ने शासन को प्रेषित संस्तुति में लिखा है कि ऐसे गंभीर मामलों की गहन जांच विशेष एजेंसी से कराना आवश्यक है, जिससे विस्थापित परिवारों को न्याय मिल सके और जिम्मेदार अधिकारियों को दंडित किया जा सके। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।(Tehri Dam)