दिल्ली:प्रधानमंत्री मोदी का स्वतंत्रता दिवस संबोधन,घुसपैठ पर चिंता और नई डेमोग्राफी कमिशन की घोषणा

दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से 12वीं बार तिरंगा फहराया और देश को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने स्वतंत्रता दिवस को “140 संकल्पों का महापर्व” बताते हुए कहा कि यह सामूहिक सिद्धियों और गौरव का पर्व है। पीएम मोदी ने देशवासियों की एकजुटता की सराहना करते हुए कहा कि 140 करोड़ देशवासी तिरंगे के रंग में रंगे हुए हैं और “हर घर तिरंगा” अभियान के तहत देश के हर कोने से – चाहे वह हिमालय हो, रेगिस्तान हो या समुद्र तट हो – मातृभूमि का जयगान हो रहा है।
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने घुसपैठ की समस्या पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सोची-समझी साजिश के तहत देश की जनसांख्यिकी (डेमोग्राफी) को बदला जा रहा है और नए संकट के बीज बोए जा रहे हैं। पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि घुसपैठिए देश के नौजवानों की आजीविका छीन रहे हैं, महिलाओं को निशाना बना रहे हैं और भोले-भाले आदिवासियों को भ्रमित करके उनकी जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि जब सीमावर्ती क्षेत्रों में जनसांख्यिकीय परिवर्तन होता है तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए संकट पैदा करता है और सामाजिक तनाव के बीज बोता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी देश अपना देश घुसपैठियों के हवाले नहीं कर सकता और भारत भी ऐसा नहीं कर सकता। पूर्वजों के त्याग और बलिदान का सम्मान करते हुए उन्होंने कहा कि उन महापुरुषों के लिए सच्ची श्रद्धांजलि यही है कि घुसपैठियों को स्वीकार नहीं किया जाए।
इस गंभीर चुनौती से निपटने के लिए प्रधानमंत्री ने लाल किले की प्राचीर से एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार ने एक हाई पावर डेमोग्राफी कमिशन शुरू करने का निर्णय लिया है। यह कमिशन एक मिशन मोड में काम करते हुए इस भीषण संकट से निपटने के लिए निर्धारित समय सीमा में अपना कार्य पूरा करेगा।