वैष्णो देवी भूस्खलन और रिकॉर्ड बारिश से तबाही, अब तक 39 की मौत, जम्मू-श्रीनगर हाईवे बंद

जम्मू: जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। कटरा स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर के पास मंगलवार को हुए भूस्खलन में अब तक 35 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हैं। वहीं जम्मू के अलग-अलग इलाकों में बाढ़ और हादसों में चार और लोगों की मौत हो गई, जिससे मरने वालों की कुल संख्या 39 पहुंच गई है।
माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अनुसार, अर्धकुंवारी के पास मलबे से अब तक 35 शव बरामद किए गए हैं, जिनमें से 22 की पहचान हो चुकी है। मृतकों में ज्यादातर उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान और मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। भूस्खलन के बाद यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया था, जिसे बुधवार शाम को पुराने मार्ग से बहाल कर दिया गया। सेना, पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें अब भी बचाव कार्य में जुटी हैं।
इस बीच, जम्मू में 24 घंटे के भीतर 296 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिसने 1973 का 272.6 मिमी का 52 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। रिकॉर्ड बारिश से तवी नदी उफान पर आ गई और पीरखो, गुज्जर नगर, गोरखा नगर समेत कई निचले इलाके जलमग्न हो गए। 6,000 से ज्यादा लोग विस्थापित हो गए हैं और 2,000 से अधिक घरों व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भारी नुकसान हुआ है। एनडीआरएफ ने पहली बार जम्मू शहर में नावों की मदद से लोगों को सुरक्षित निकाला।
भारी बारिश और भूस्खलन की वजह से जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे तीसरे दिन भी बंद है। उधमपुर-रामबन क्षेत्र में जगह-जगह भूस्खलन से राजमार्ग अवरुद्ध हो गया है, जिससे 500 से अधिक वाहन फंसे हुए हैं। यह हाईवे कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला एकमात्र बारहमासी मार्ग है।अधिकारियों ने बताया कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।