
भाजपा ने नेताओं की सार्वजनिक बयानबाजी पर सख्ती दिखाते हुए पार्टी फोरम से बाहर दिए जाने वाले बयानों पर रोक लगा दी है। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने स्पष्ट किया है कि इस निर्देश की अनदेखी करने वाले नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पार्टी नेतृत्व का मानना है कि हाल के दिनों में कुछ नेताओं के बयानों के कारण संगठन को असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। इसी को देखते हुए पार्टी ने यह निर्णय लिया है कि कोई भी नेता पार्टी के आंतरिक विषयों या नीतिगत मामलों पर सार्वजनिक मंच से बयान नहीं देगा।
सूत्रों के अनुसार भाजपा विधायक अरविंद पांडे सहित कुछ अन्य नेताओं की हालिया बयानबाजी से संगठन में असहजता बढ़ी है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इस तरह के बयान न केवल संगठनात्मक अनुशासन के खिलाफ हैं, बल्कि जनता के बीच पार्टी की छवि को भी प्रभावित करते हैं।
अमर उजाला से बातचीत में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि पार्टी में अनुशासन सर्वोपरि है। सभी नेताओं और पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी विषय पर बयान देने से पहले पार्टी मंच पर अपनी बात रखें। मीडिया या सार्वजनिक मंचों पर व्यक्तिगत या असंयमित बयानबाजी स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने दो टूक कहा कि यदि कोई नेता इन निर्देशों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई तय है। पार्टी नेतृत्व का उद्देश्य संगठन की एकजुटता बनाए रखना और अनुशासन को मजबूत करना है।