
देहरादून, 29 मई 2025। देहरादून की प्रतिष्ठित जे.एम.एस संगीत अकादमी ने अपनी 25वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आज आई.आर.डी.टी ऑडिटोरियम में एक भव्य वार्षिक संगीत समारोह का आयोजन किया। यह आयोजन शास्त्रीय संगीत और नृत्य के क्षेत्र में शहर की एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक उपलब्धि के रूप में याद किया जाएगा।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था की संरक्षिका एवं कैन्ट विधानसभा की विधायिका सविता कपूर, सांस्कृतिक विभाग के सचिव युगल किशोर पंत, उद्योगपति बीर सिंह पंवार, समाजसेवी श्याम सुंदर गोयल, संस्कृति विभाग की निदेशक सुश्री बीना भट्ट तथा समाजसेवीका सुश्री सुमति जुनेजा द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।
संस्था की अध्यापिका एवं संयोजिका लक्ष्मी मिश्रा के निर्देशन में छात्रों ने सरस्वती वंदना, राग बागेश्री, तराना, राग देश आदि रचनाओं से कार्यक्रम का प्रारंभ किया। शारदा ध्यानी के निर्देशन में नृत्यकुंज की छात्राओं ने गणेश वंदना की प्रस्तुति दी, वहीं डॉली बडोला के निर्देशन में बच्चों ने एक से बढ़कर एक नृत्य प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम की खास प्रस्तुति ग्रुप तबला वादन रही, जिसमें पं. अजय शंकर मिश्रा के निर्देशन में 15 से अधिक विद्यार्थियों ने तीन ताल में जबरदस्त तालमेल के साथ प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम का सबसे विशेष आकर्षण उत्तर और दक्षिण भारतीय तालों की जुगलबंदी रही। पं. गणेश शंकर मिश्रा के निर्देशन में प्रस्तुत इस अद्भुत संगम में पं. जद्दू जी महाराज के परपोत्र ऋषिराज, अभिराज, विराज मिश्र, परनाती आयुष्मान तथा निकुंज ध्यानी के साथ दिल्ली से आए कर्नाटक वायलिन वादक मास्टर हरी कार्तिक, मृदंगम पर एम. श्री राम, और बनारस के सितार वादक नीरज मिश्रा ने राग किरवानी पर आधारित रचना प्रस्तुत की, जिसने पूरे सभागार को झूमने पर मजबूर कर दिया।
समापन प्रस्तुति
कार्यक्रम का समापन सभी कलाकारों द्वारा दी गई संयुक्त गायन-वादन-नृत्य प्रस्तुति से हुआ। इसमें तबले पर पं. जय शंकर मिश्रा व अजय शंकर मिश्रा, कथक में पं. श्याम कार्तिक व शारदा ध्यानी, गायन में लक्ष्मी मिश्रा, हारमोनियम पर धर्मेंद्र मिश्रा तथा सितार पर नीरज मिश्रा ने अपनी-अपनी कला से समारोह को अविस्मरणीय बना दिया।
इस अवसर पर संस्था के संस्थापक स्व. जय भगवान, पं. जगदीश मिश्रा और पं. प्रभु शंकर मिश्रा को श्रद्धांजलि दी गई। भातखंडे संगीत विद्यालय की निर्देशिका सुश्री बीना भट्ट को शॉल और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
साथ ही देहरादून की वरिष्ठ संगीत गुरु इला डे, डॉ. विजया गोडबोले और डॉ. सीमा रस्तोगी को भी विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
इस अवसर पर मीरा बजाज, उदय शंकर मिश्रा तथा प्रशांत ठाकुर समेत अनेक गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
जे.एम.एस. की रजत जयंती समारोह संगीत, नृत्य और सांस्कृतिक समर्पण की त्रिवेणी के रूप में याद रखा जाएगा।