जम्मू-कश्मीर: किश्तवाड़ में बादल फटने से भीषण तबाही, 56 लोगों की मौत

जम्मू-कश्मीर : किश्तवाड़ जिले में गुरुवार को बादल फटने से आई प्राकृतिक आपदा ने व्यापक तबाही मचाई है। अब तक इस हादसे में कम से कम 56 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग अभी भी लापता हैं। यह घटना किश्तवाड़ जिले के सब-डिवीजन पद्दार में हुई, जहाँ मचैल चंडी माता मंदिर जाने वाले श्रद्धालु इस आपदा की चपेट में आ गए।
बादल फटने की मुख्य घटना चशोती गांव में हुई, जहाँ अकेले 38 लोगों की मौत हो गई है। अधिकारियों के अनुसार कई लोग अभी भी मलबे में दबे हुए हैं और सेना तथा रेस्क्यू टीमें लगातार राहत और बचाव अभियान चला रही हैं। मचैल गांव में स्थित दुर्गा मंदिर, जो ‘मचैल माता मंदिर’ के नाम से प्रसिद्ध है, की तरफ जा रहे श्रद्धालुओं का एक बड़ा हिस्सा इस आपदा का शिकार हुआ।
इस त्रासदी के मद्देनजर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान निर्धारित ‘एट होम’ चाय पार्टी और सांस्कृतिक कार्यक्रम रद्द कर दिए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री ने लिखा, “किश्तवाड़ में बादल फटने से हुई त्रासदी के मद्देनजर, मैंने कल शाम को ‘एट होम’ चाय पार्टी रद्द करने का निर्णय लिया है।” उन्होंने यह भी कहा कि स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान सुबह के सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित नहीं किए जाएंगे। हालांकि, औपचारिक कार्यक्रम जैसे भाषण और मार्च पास्ट योजना के अनुसार आयोजित किए गए।
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस की वायनाड सांसद प्रियंका गांधी ने भी इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। राहुल गांधी ने अपने संदेश में लिखा, “जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटने से आई तबाही के कारण कई लोगों की मौत और कई के लापता होने की खबर बेहद दुखद है। मैं प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं और लापता लोगों के जल्द मिलने की आशा करता हूं।”
राहुल गांधी ने प्रशासन से राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने की अपील की है तथा कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से प्रशासन का सहयोग करने और जरूरतमंदों की हर संभव मदद करने का आग्रह किया है। वर्तमान में सेना और स्थानीय प्रशासन मिलकर बचाव कार्य जारी रखे हुए हैं और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।