
भारत के स्टार एथलीट और दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा इन दिनों विवादों में घिर गए हैं। मामला पाकिस्तान के ओलंपिक चैंपियन जेवलिन थ्रोअर अरशद नदीम को ‘नीरज चोपड़ा क्लासिक’ टूर्नामेंट के लिए भेजे गए न्योते का है, जिसे अरशद ने ठुकरा दिया। इस मुद्दे पर देशभर में बहस छिड़ गई, खासकर पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद, जिसमें दो विदेशी नागरिकों समेत 26 लोगों की जान चली गई।
नीरज चुप थे, लेकिन जब उनके देशभक्ति पर सवाल उठे और परिवार को निशाना बनाया गया, तो उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर एक लंबा बयान जारी कर चुप्पी तोड़ी। नीरज ने साफ किया कि अरशद नदीम को निमंत्रण पहलगाम हमले से दो दिन पहले भेजा गया था और यह पूरी तरह एक एथलीट के नजरिए से लिया गया फैसला था।
‘मेरे परिवार को भी नहीं छोड़ा गया’
नीरज ने लिखा, “अरशद को दिया गया निमंत्रण सिर्फ एक खिलाड़ी से दूसरे खिलाड़ी को दिया गया आमंत्रण था, उससे ज्यादा कुछ नहीं। दुर्भाग्य से, इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर नफरत और गाली-गलौज फैलाई गई। मेरे परिवार तक को अपशब्द कहे गए, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अस्वीकार्य है।”
नीरज ने बताया कि ‘नीरज चोपड़ा क्लासिक’ का उद्देश्य भारत में विश्व स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं का आयोजन करना है, ताकि देश के युवा एथलीटों को प्रेरणा मिल सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पिछले 48 घंटों में कश्मीर में जो कुछ हुआ है, उसके बाद अरशद की भागीदारी का कोई सवाल ही नहीं उठता।
‘मुझे अपनी देशभक्ति साबित नहीं करनी चाहिए’
नीरज ने अपने बयान में नाराजगी जताते हुए कहा, “मैंने सालों तक अपने देश के लिए गर्व से खेला है। मेरी देशभक्ति पर सवाल उठाना दुखद है। यह देखकर और भी ज्यादा दुख होता है कि मुझे उन लोगों को सफाई देनी पड़ रही है, जो मुझे और मेरे परिवार को बिना वजह निशाना बना रहे हैं।”
‘गलत के खिलाफ हमेशा बोलूंगा’
नीरज ने कहा कि वह आमतौर पर बहुत कम बोलते हैं, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि वह गलत के खिलाफ आवाज नहीं उठाएंगे। “जब बात मेरे देश के सम्मान और मेरे परिवार के सम्मान की आती है, तो मैं चुप नहीं बैठूंगा। पहलगाम हमले से पूरा देश आहत है और मैं भी उस गुस्से और दुख को महसूस कर रहा हूं।”
‘मीडिया की झूठी रिपोर्टिंग से परेशान’
नीरज ने मीडिया के एक वर्ग पर भी निशाना साधा, जिन पर उन्होंने झूठी खबरें फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सिर्फ इसलिए कि वह हर बार जवाब नहीं देते, इसका मतलब यह नहीं कि जो लिखा जा रहा है वह सही है।
‘मेरी मां के एक बयान पर पहले तारीफ, अब वही लोग कर रहे हैं आलोचना’
नीरज ने याद किया कि जब उनकी मां ने पहले एक मासूम बयान दिया था, तब लोग उनकी सादगी की तारीफ कर रहे थे, लेकिन अब वही लोग उसी बयान पर उन्हें और उनके परिवार को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा, “हम साधारण लोग हैं, कृपया हमें कुछ और न बनाएं।”
‘भारत को गर्व का केंद्र बनाना चाहता हूं’
नीरज ने अंत में लिखा, “मैं और कड़ी मेहनत करूंगा ताकि भारत को दुनिया सम्मान और गर्व की नजरों से देखे। मेरी कोशिश होगी कि दुनिया भारत को हमेशा याद रखे – सिर्फ अच्छे कारणों से। जय हिंद।”
इस बीच, आयोजकों ने एनसी क्लासिक की अंतिम अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों की सूची जारी की है, जिसमें अरशद नदीम का नाम शामिल नहीं है। इससे पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में नीरज ने बताया था कि कार्यक्रम को हरियाणा से बेंगलुरु शिफ्ट किया गया है और दुनियाभर के शीर्ष जेवलिन थ्रोअर इसमें हिस्सा ले रहे हैं।