एक अप्रैल से नए नियम लागू आपकी इनकम, सेविंग और खर्च पर इसका असर तय, जानिए नए नियमों से क्या क्या बदलेगा।।
एक अप्रैल से भारत में नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू हो गया है, जिसने 1961 के पुराने कानून की जगह ली है। इन नए नियमों का मकसद टैक्स सिस्टम को आसान बनाना है। फाइनेंशियल ईयर और असेसमेंट ईयर की जगह टेक्स ईयर होगा। वही HRA छूट के नियमों में भी बदलाव किया गया है ।
आज से यानी एक अप्रैल से देश में आज से नया इनकम टैक्स कानून लागू हो गया है, जिससे टैक्स सिस्टम में बड़ा बदलाव आया है। सरकार ने टैक्स की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए 1961 के पुराने कानून की जगह नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू किया है। इसके साथ ही टैक्स ईयर, HRA, ITR फाइलिंग और साथ ही अन्य नियमों में भी बदलाव किये गये है।

फाइनेंशियल ईयर और असेसमेंट ईयर का कन्फ्यूजन हुआ खत्म
ITR भरने के दौरान फाइनेंशियल ईयर और असेसमेंट ईयर को भी समाप्त कर दिया गया है और इसे आसान बनाते हुए सिर्फ टैक्स ईयर रखा गया है। पहले फाइनेंशियल ईयर और असेसमेंट ईयर को लेकर लोगों में कई सारे कंफ्यूजन होते थे, जिसे अब चेंज कर दिया गया है.
ITR की डेडलाइन भी तय
नए कानून के तहत आईटीआर भरने की डेडलाइन में भी बदलाव किया है. आईटीआर-1 और आईटीआर-2 जमा करने के लिए लास्ट डेट में कोई बदलाव नहीं हुआ है जो 31 जुलाई है. लेकिन ITR 3 और ITR 4 के लिए डेडलाइन 31 अगस्त तक कर दी गई है।
F&O ट्रेडर्स के लिए ज्यादा टैक्स
नए कानून के तहत शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने वालों के लिए भी नियम बदला है. सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स में बढ़ोतरी के साथ डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग ज्यादा महंगा हो गया है।
HRA के लिए भी नए नियम तय
अब HRA का फायदा लेना पहले जितना आसान नहीं रहेगा. कर्मचारियों को अपने किराए और मकान मालिक से जुड़ी ज्यादा जानकारी देनी होगी. नए नियमों के अनुसार, अब HRA क्लेम करते समय मकान मालिक का PAN देना जरूरी होगा. साथ ही किराया देने का पुख्ता सबूत भी देना होगा।
कर्मचारियों को ज्यादा टैक्स छूट
सरकार ने कर्मचारियों को मिलने वाले कुछ बेनिफिट्स में भी बढ़ोतरी की है. अब मील कार्ड पर टैक्स छूट 50 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये प्रति मील कर दी गई है. सरकार ने गिफ्ट वाउचर की सीमा 5,000 से बढ़ाकर 15,000 रुपये कर दी गई है. बच्चों की शिक्षा और हॉस्टल भत्ता भी बढ़ाया गया है, जिससे परिवारों को भी राहत मिलेगी।