पंजाब में बारिश का कहर: पठानकोट में शैक्षणिक संस्थान बंद, सतलुज के उफान से जनजीवन अस्त-व्यस्त

चंडीगढ़ : पंजाब में भारी बारिश के कारण राज्य भर में स्थिति गंभीर होती जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार तापमान सामान्य से 2.7 डिग्री नीचे गिर गया है और अगले दो दिनों के लिए भी भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। पठानकोट में शनिवार रात से लगातार हो रही बारिश के मद्देनजर जिला कलेक्टर आदित्य उप्पल ने सभी सरकारी और गैर-सरकारी स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थानों में आज अवकाश घोषित कर दिया है। हालांकि, बोर्ड या विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित परीक्षाओं और प्रैक्टिकल्स पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा।
बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए पंजाब सरकार एक्शन मोड में आ गई है। कैबिनेट मंत्रियों द्वारा प्रभावित क्षेत्रों का लगातार दौरा किया जा रहा है। कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारिया आज भोआ में बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा करेंगे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे। मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ तरनतारन के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे, जबकि मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर पट्टी क्षेत्र में जरूरतमंदों तक राशन और पशु चारा पहुंचाने का कार्य देखेंगे।
सतलुज नदी के उफान के कारण फिरोजपुर के मुठियांवाला गांव की स्थिति चिंताजनक हो गई है। नदी का पानी ऊंची सड़कों को पार कर ग्रामीणों के घरों और खेतों में घुस गया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार पिछले दो दिनों से लगातार बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। सड़कों पर बहते पानी की आवाज रात के समय डरावनी हो जाती है, जिसके कारण लोग सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर हैं। यह स्थिति पंजाब में प्राकृतिक आपदा प्रबंधन की चुनौतियों को दर्शाती है।