Tehri Accident: “मेरा आदि ठीक है ना…” कहते हुए बेहोश हो रही अनीता, एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत

Tehri Accident : उत्तराखंड के टिहरी जिले में एक दर्दनाक हादसे ने एक परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर भल्ले गांव के पास एक कार 300 मीटर गहरी खाई में गिरकर अलकनंदा नदी में समा गई, जिसमें दंपती और तीन बच्चों की मौत हो गई। इस हादसे में केवल एक महिला अनीता देवी (45) जीवित बची हैं, जो गंभीर रूप से घायल हैं और बेस अस्पताल में भर्ती हैं।
“मेरा आदि ठीक है ना…” कहकर बार-बार बेहोश हो रही हैं अनीता
अस्पताल में भर्ती अनीता बार-बार अपने बेटे आदित्य के बारे में पूछ रही हैं। उन्हें अब भी यकीन नहीं है कि उनका बेटा इस दुनिया में नहीं रहा। डॉक्टरों के मुताबिक अनीता का हाथ फ्रैक्चर हुआ है और उन्हें हड्डीरोग विभाग में भर्ती किया गया है। पर शारीरिक से कहीं ज्यादा उनका मानसिक आघात गहरा है।
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शादी की खुशी मातम में बदली
अनीता और उनकी छोटी बहन मीना गुंसाई अपने परिवार के साथ मौसी के लड़के की शादी में शामिल होने जा रहे थे। 13 अप्रैल को मेहंदी और 14 को बारात थी। दोनों बहनों ने पहले ही तय किया था कि वे साथ चलेंगी। मीना अपने पति सुनील गुंसाई और दो बच्चों के साथ रुड़की पहुंची थीं, जहां से उन्होंने अनीता और उनके बेटे आदि को साथ लिया और गांव के लिए रवाना हुए। लेकिन भल्ले गांव के पास उनकी कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई।
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हादसे में हुई मौत :
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सुनील गुंसाई (पति)
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मीना गुंसाई (पत्नी)
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दो छोटे बच्चे
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आदित्य (अनीता का बेटा)
एक हफ्ते पहले ही खरीदी थी कार
बताया गया कि सुनील गुंसाई ने एक हफ्ते पहले ही नई कार खरीदी थी, जिसे छह महीने पहले बुक किया गया था। लेकिन ये कार उनकी जिंदगी की आखिरी यात्रा बन गई। इससे पहले भी उनका परिवार 2013 की केदारनाथ आपदा में फंस चुका था, जहां उनके पिता लापता हो गए थे।
कौन हैं अनीता देवी?
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मूल निवासी: ग्राम ल्वेटा चौण्डली, कर्णप्रयाग
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वर्तमान निवास: दुर्गा कॉलोनी, रुड़की
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पति: भारतीय सेना में तैनात
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बेटी: 10वीं कक्षा की छात्रा
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बेटा: आदित्य, बीसीए का छात्र (अब दिवंगत)