उत्तराखंड के ग्राम्य विकास मंत्री ने केंद्रीय मंत्री की बैठक में किया सहयोग
उदयपुर में होने वाले चिंतन शिविर की तैयारियों पर चर्चा

देहरादून: केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक में उत्तराखंड के ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने सक्रिय भागीदारी की। यह बैठक आगामी सितंबर माह में राजस्थान के उदयपुर में प्रस्तावित चिंतन शिविर के आयोजन की तैयारियों को लेकर आयोजित की गई थी।
देशभर के विभिन्न राज्यों के ग्राम्य विकास विभाग से जुड़े मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हुई इस बैठक में केंद्रीय मंत्री चौहान ने 4-5 सितंबर 2025 को उदयपुर में होने वाले चिंतन शिविर के सफल आयोजन के लिए सभी राज्यों से सुझाव मांगे। इस द्विदिवसीय कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण विकास की नीतियों को और अधिक कारगर बनाना है।
मंत्री गणेश जोशी ने इस अवसर पर कहा कि यह चिंतन शिविर ग्रामीण विकास की नीतियों को प्रभावी बनाने में एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि उत्तराखंड सरकार ग्राम्य विकास के क्षेत्र में केंद्र की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रही है। मंत्री जोशी ने बैठक में ग्रामीण आजीविका, स्वावलंबन, स्वरोजगार और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को बढ़ावा देने से जुड़े अपने महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए।
पर्वतीय राज्यों की विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए मंत्री जोशी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे उत्तर पूर्व के हिमालयी राज्यों का गहन अध्ययन करें। उनका कहना था कि इससे पर्वतीय क्षेत्रों में ग्राम्य विकास से संबंधित योजनाओं का बेहतर और व्यावहारिक क्रियान्वयन संभव हो सकेगा।
इस महत्वपूर्ण बैठक में आयुक्त ग्राम्य विकास अनुराधा पाल, अपर सचिव ग्राम्य विकास झरना कमठान सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। इन अधिकारियों की उपस्थिति से इस बात का पता चलता है कि उत्तराखंड सरकार इस चिंतन शिविर को लेकर कितनी गंभीर है और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में नई दिशा तय करने को लेकर कितनी प्रतिबद्ध है।