Uttarpradesh:सावन के तीसरे सोमवार पर मंदिरों में हादसे, बाराबंकी में 2 की मौत

Uttarpradesh : सावन के तीसरे सोमवार पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण दो अलग स्थानों पर दुर्घटनाएं हुई हैं। बाराबंकी के औसानेश्वर महादेव मंदिर में एक असामान्य हादसे में दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 19 लोग घायल हो गए, जबकि लखीमपुर खीरी में भी भगदड़ जैसी स्थिति में तीन लोग घायल हुए।
बाराबंकी के हैदरगढ़ स्थित औसानेश्वर महादेव मंदिर में रविवार देर रात करीब दो बजे एक अनोखी घटना घटी। मंदिर परिसर में लगे बरगद के पेड़ से एक बंदर ने छलांग लगाई और बिजली के तार से लटक गया। इससे तार टूटकर टिन शेड पर गिर गया और पूरे परिसर में करंट फैल गया। बिजली के तार से टिन और पाइपों में करंट दौड़ने से तमाम श्रद्धालु और सुरक्षाकर्मी करंट की चपेट में आ गए। इस घटना से मची भगदड़ में दो लोगों की मौत हो गई, जिनमें से एक की पहचान प्रशांत पुत्र रामगोपाल निवासी मुबारकपुर थाना लोनी कटरा के रूप में हुई है।
जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि आनन-फानन में बिजली कनेक्शन काटकर स्थिति को नियंत्रित किया गया। घायलों को तुरंत हैदरगढ़ सीएचसी और त्रिवेदीगंज सीएचसी भेजा गया। सावन के तीसरे सोमवार की वजह से मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ थी और सभी रविवार रात से ही जल चढ़ाने के लिए कतार में लगे हुए थे।
इसी दिन लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ स्थित प्रसिद्ध शिव मंदिर छोटी काशी में भी एक अलग घटना हुई। यहां लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच अशोक चौराहे पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इसमें दो महिला श्रद्धालु घायल हो गईं, जिन्हें सुरक्षाकर्मियों ने सुरक्षित बाहर निकाला। उन्हें बचाने के दौरान हेड कांस्टेबल दया शंकर सिंह भी घायल हो गए। उनके बाएं पैर की दो उंगलियों के नाखून निकल गए और अंगूठा उखड़ गया।
गोला गोकर्णनाथ कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अंबर सिंह ने बताया कि हालांकि भीड़ बेकाबू हो गई थी, लेकिन पुलिसकर्मियों ने तत्काल स्थिति को काबू में कर लिया। ये दोनों घटनाएं धार्मिक स्थलों पर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की कमियों को उजागर करती हैं और बेहतर व्यवस्था की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं।