
चमोली/रुद्रप्रयाग, 11 अप्रैल: उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में मौसम एक बार फिर कहर बनकर टूटा है। रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में देर शाम हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। निचले इलाकों में जहां मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि हुई, वहीं ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी दर्ज की गई।
चमोली जिले के नंदप्रयाग क्षेत्र में अतिवृष्टि के कारण एक बरसाती गदेरा अचानक उफान पर आ गया, जिससे बदरीनाथ हाईवे पर स्थित नंदप्रयाग बाजार में दुकानों में मलबा भर गया। मोहित, सूरज और सतीश कंडेरी की दुकानों में गाद और पत्थर जमा हो गए, जिससे काफी नुकसान हुआ। बाजार में खड़े वाहन भी मलबे में दब गए, जिन्हें स्थानीय लोगों ने बाद में हटाया।
नंदप्रयाग-सैकोट-कोठियालसैंण सड़क पर पेड़ गिरने से दो घंटे तक यातायात बाधित रहा। सूचना मिलते ही फायर सर्विस गोपेश्वर की टीम मौके पर पहुंची और कटर मशीन से पेड़ को हटाकर मार्ग सुचारु किया।
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रुद्रप्रयाग के अगस्त्यमुनि क्षेत्र में आधे घंटे की तेज ओलावृष्टि से नकदी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। आम के पेड़ों पर लगे बौर झड़ गए हैं, वहीं अखरोट, आड़ू, पोलम, संतरा, कद्दू, प्याज, लहसून व अन्य फसलों को भी नुकसान हुआ। प्रगतिशील किसान भगत कन्याल ने बताया कि बेल वाली सब्जियों के पौधे पूरी तरह नष्ट हो गए हैं और उन्होंने उद्यान विभाग से फसलों के नुकसान का सर्वे कर मुआवजे की मांग की है।
बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी और रुद्रनाथ जैसे क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है। बर्फबारी और बारिश के कारण तापमान में भारी गिरावट आई है। बदरीनाथ हाईवे पर चल रहे निर्माण कार्य को भी रोकना पड़ा है। गोपेश्वर के खेल मैदान में जलभराव के कारण ट्रैक मरम्मत का काम भी बाधित हुआ है।
अलर्ट जारी करते हुए प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों से दूर रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें। फसलों के नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है।